आरडब्ल्यूए के पास नहीं है समस्या का हल, वर्षों से चल रही लड़ाई
बरेली। महानगर कॉलोनी में उमंग पार्ट-2 के निवासी पिछले कई वर्षों से गंदगी से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कूड़ा निस्तारण के लिए सालाना 1.34 करोड़ रुपये जमा किए जाते हैं, मगर इसका निस्तारण सही से करने की जगह उल्टा आग लगा दी जाती है। इससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ ही यहां रहने वालों की सेहत भी बिगड़ रही है।
क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक महानगर में 1700 घर हैं। इनमें से 1600 घरों से 700 रुपये प्रतिमाह लिया जाता है। इसमें बिजली, कॉलोनी का मेंटेनेंस और कूड़ा निस्तारण शामिल हैं। इसके बाद भी कूड़े का सही से निस्तारण नहीं होता। उमंग पार्ट-2 के सामने ही लगभग तीन से चार एकड़ जमीन को डंपिंग यार्ड बना दिया गया है। महानगर के 1600 घरों से नकटिया नदी के किनारे पर इकट्ठा करने के बाद इस कूड़े में आग लगा दी जाती है।
इससे सबसे अधिक परेशानी उमंग पार्ट-2 के 100 घरों को हो रही है। लोग बीमार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट तक शिकायत की जा चुकी है, मगर समाधान अब तक नहीं मिला। आरोप है कि धौरेरा माफी का कूड़ा भी यहीं डंप होता है। हालांकि, गांव की प्रधान से इससे इन्कार किया। संवाद
बुधवार को भी सुलगता रहा कूड़ा
महानगर के पीछे की ओर जहां कूड़ा डंप किया जा रहा है, वहां बुधवार को भी आग लगी थी। आरडब्ल्यूए की गाड़ी ने आकर पानी डाला, मगर आग पूरी तरह से बुझ नहीं पाई। गोवंशीय पशु भी यहां खाने की तलाश में जुटे थे।
आग लगाने का आरोप गलत : सचिव
आरडब्ल्यूए के सचिव जयंती प्रसाद ने कहा कि एक-दो परिवार जो हाल में बसे हैं वह राजनीति कर रहे हैं। नगर निगम में कॉलोनी को शामिल करने के लिए कोशिशें की जा चुकी हैं। कई बार डलावघर बनाने पर भी सहमति बनी, लेकिन बाद में नहीं बना। उन्होंने कहा कि धौरेरा माफी का कूड़ा फेंका गया होगा। उन्होंने आग लगाने के आरोप को गलत बताया।
बातचीत...
हम लोग हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। यहां के हालात देखकर कौन कहेगा कि ये महानगर है। ऐसा लगता है कि किसी पिछड़े हुए गांव में रह रहे हों। - पूजा सिंह
धौरेरा माफी गांव है। वहां की सड़कें भी हमारी कॉलोनी से अच्छी हैं। हमारी कॉलोनी पॉश कॉलोनियों में से एक मानी जाती है। यहांं बीमारियां फैलाने के इंतजाम के अलावा अन्य कुछ नहीं है। - एबी पांडेय
मामले का संज्ञान लेकर इसका निस्तारण कराया जाएगा। ग्राम पंचायत हो या नगर निगम क्षेत्र, कूड़ा जलाया नहीं जा सकता। - अविनाश सिंह, जिलाधिकारी