बदायूं। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल नहीं होनी चाहिए। निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों के केंद्र व्यवस्थापक या प्रधानाचार्य कॉलेज परिसर या आसपास रहते हैं, ऐसे कॉलेजों में परीक्षा केंद्र किसी हालत में न बनाएं। वह रविवार को करीब डेढ़ घंटे बदायूं में रहे। इस दौरान बरेली मंडल के सभी शिक्षाधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद में सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता के बेटे के वैवाहिक समारोह में शामिल हुए।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि यूपी बोर्ड सबसे बड़ा शिक्षा बोर्ड है। यूपी बोर्ड परीक्षा पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी होना चाहिए। हर परीक्षा केंद्र पर कक्षों में सीसी टीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर अवश्य लगे होने चाहिए। इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बोर्ड परीक्षा के दौरान वित्तविहीन स्कूलों पर खासी नजर रखी जाए। इन केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि बोर्ड परीक्षा केंद्रों की दूरी जीपीएस के माध्यम से निर्धारित की जाए। छात्राओं की स्वकेंद्र परीक्षा होगी, लेकिन उन विद्यालयों में कक्ष निरीक्षक अन्य स्कूलों के रखे जाएंगे। इस बात का खास ध्यान रहे कि परीक्षा उसी विद्यालय में आयोजित होगी, जहां केंद्र बना है, दूसरे विद्यालय में परीक्षा कतई नहीं होनी चहिए।
‘श्रीराम मंदिर भाजपा का संकल्प’
पत्रकारों से बातचीत में अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार को जनता ने चुना है। उसकी अपेक्षाएं स्वाभाविक है। मंदिर निर्माण भाजपा का संकल्प भी है। सुप्रीम कोर्ट से निर्णय अंतिम निर्णय आना था, जो आगे बढ़ गया है। जनता में व्यग्रता है। जल्द ही भाजपा सूझबूझ से इस पर कोई निर्णय करेगी।