इन ग्रामीणों की जा चुकी है जान
बीमारी के चलते गांव के सुनील (35), कांति (32), अखिलेश (35), फूलमती (70), प्रकाश (72), चांदनी (28), मतिका (72), प्रताप (38), जसकरन (40), दाताराम (42), रामप्यारी (66), आरती (24), हिमालवती (18), खुशबू (15), रामगुनी( 39) व आठ वर्षीय एसपी गौतम पुत्री दीपू मौत के मुंह में समा गए हैं। इसमें बुधवार को रामगुनी (39) पत्नी मंगरे की मौत हो गई। परिजनों का कहना है वह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। शिकायत के बाद उच्चाधिकारियों की दखल के बाद गांव में स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची है।
पांच मरीज मिले मलेरिया पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग की टीम का नेतृत्व कर रहे सीएचसी अधीक्षक डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि टीम ने मलेरिया व अन्य बीमारियों की जांच कर एंटी लार्वा का गांव में छिड़काव कराया जा रहा है। गांव में 60 लोगों की जांच भी की गई है। इसमें पांच लोग मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा गांव के करीब 200 लोगों को बुखार व अन्य बीमारियों की दवाएं दी गई हैं। अधीक्षक ने बताया कि गांव के कुछ लोगों की मौत घर से दिल्ली जाते समय भी हुई है। कुछ मरीज झोलाछाप डॉक्टरों का शिकार बने हैं। मौतों की सही वजह की जांच की जा रही है।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि गांव में इतनी मौतों की शिकायत सही नहीं है। जिनकी मौत गांव से बाहर और अन्य वजहों से हुई है, ग्रामीणों ने उनकी संख्या भी बता दी है। स्वास्थ्य टीम गांव गई है। कुछ लोगों का इलाज किया गया है। मौत के कारणों की जांच की जा रही है।