बाराबंकी। पल्हरी चौराहा के निकट स्थित जेब्रा पार्क में टूटा पड़ा मार्ग।
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बाराबंकी। शहर में पल्हरी के निकट जनसहयोग से 27 बीघे में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया जेब्रा पार्क देखरेख के अभाव में बदहाल होता जा रहा है।
यहां पर बने तालाब की दीवारें धंस गई है मिट्टी बैठती जा रही है और कई कार्य ऐसे हैं जो अभी तक पूरे नहीं कराए जा सके हैं। तत्कालीन एसडीएम रहे अजय कुमार द्विवेदी के तबादले के बाद से यह पार्क पूरी तरह से उपेक्षा का शिकार होता जा रहा है।
जेब्रा पार्क के निर्माण में करीब डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों ने जनसहभागिता निभाई। किसी ने ईंट दान में दी तो किसी ने मौंरग, गिट्टी, बालू में सहयोग किया तो किसी ने श्रमिकों को मजदूरी देने का जिम्मा उठाया।
कई दानदाताओं ने पार्क के अंदर लगने वाले सामान तक मांगा कर दिए। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से 27 बीघे में बना यह पार्क दोनों अधिकारियों के तबादले के बाद उपेक्षा का शिकार होता जा रहा है।
देखरेख के अभाव में यह पार्क बदहाली की कगार पर पहुंच गया है। यहां पर बने तालाब की दीवारें पूरी तरह से धंस गई हैं तो पटाई गई मिट्टी भी जगह-जगह पर बैठ गई है। जो घास लगाई गई थी वह भी देखरेख के अभाव में चल नहीं पा रही है। सूत्र बताते हैं कि जिस दिन से यह प्रकार जिला प्रशासन को हैंडओवर किया गया है उसी दिन से इसके दुर्दिन शुरू हो गए हैं।