गनेशपुर/ सूरतगंज/ टिकैतनगर (बाराबंकी)। नेपाल का पानी तराई में तबाही मचाने लगा है जिसकी वजह से सरयू नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है। नदी का पानी शनिवार को लाल निशान को पार करते हुए खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया।
इससे तराई के करीब दो दर्जन से ज्यादा गांव किसी भी समय बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। वहीं नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी ने हेतमापुर क्षेत्र में तो अपर जिलाधिकारी ने कोठरी गौरिया क्षेत्र का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को पूरी तरह से सतर्क रहने के निर्देश दिए।
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार, सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है और पानी अभी भी बढ़ता ही जा रहा है। नेपाल द्वारा शुक्रवार को छोड़ा गया चार लाख क्यूसेक पानी शनिवार को तराई में पहुंचने के बाद तबाही मचाने लगा है।
नदी के पानी की चपेट में आकर सूरतगंज क्षेत्र के बतनेरा, सरसंडा, बल्लोपुर द्वितीय, पर्वतपुर व अकौना गनेशपुर क्षेत्र के तपेसिपाह, सिसौंडा, दुर्गापुर, हरिनारायणपुर, ऐमा और टिकैतनगर क्षेत्र के गोबरहा, तेलवारी, इटहुआ पूरब, सेमरी, अतरसुइया, बसंतपुर, सोनबख्शा, पंसारा समेत करीब दो दर्जन गांवों पर पूरी तरह से खतरा मंडराने लगा है।
वहीं कई गांवों में नदी का पानी पहुंच भी गया है जिससे यहां के लोग ने परिवारीजनों के साथ पलायन शुरू कर दिया है। वहीं शनिवार को जिलाधिकारी ने हेतमापुर क्षेत्र का तो अपर जिलाधिकारी ने कोठरी गौरिया क्षेत्र का दौरा कर आवश्यक निर्देश दिए।
सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 29 सेंमी ऊपर पहुंच गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तीनों तहसीलों के एसडीएम को पूरी तरह से अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
-संदीप कुमार गुप्ता, अपर जिलाधिकारी