बाराबंकी। कोरोना के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके बाद भी तमाम लोग टीका लगवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जिले में करीब सवा लाख लोग ऐसे हैं जो टीके की पहली डोज से अभी भी काफी दूर हैं। ऐसे में इन लोगों के संक्रमण की चपेट में आने का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी लोगों में जागरूकता नहीं आ रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में 18 प्लस वालों की संख्या करीब 22 लाख 38 हजार है। इनमें से अभी तक 21 लाख दस हजार लोगों को ही टीके की पहली खुराक दी जा सकी है जबकि करीब एक लाख 28 हजार लोग ऐसे हैं जिन्हें अभी टीके की पहली डोज नहीं लग सकी है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए शासन से लेकर प्रशासन तक ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीका लगाने पर जोर दे रहा है।
इसके बाद भी लोगों में जागरूकता नहीं आ रही है। जिससे ऐसे लोगों के संक्रमण की चपेट में आने का खतरा ज्यादा बना हुआ है। जबकि जिले में कोरोना बहुत तेज गति से फैल रहा है और प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसके बाद भी लोग कोरोना का टीका लगवाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
इस बाबत जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव सिंह का कहना है कि जिन लोगों ने अभी तक टीके की पहली डोज नहीं ली है, उन्हें टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए टीमें लगी हुई हैं। जो ऐसे लोगों से संपर्क कर उन्हें टीकाकरण के प्रति जागरूक कर रही हैं।
42 हजार में 5 हजार को लगी बूस्टर डोज
जिले में स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंट लाइन वर्करों की संख्या करीब 30 हजार है। इसके अलावा बुजुर्गोँ की संख्या 12 हजार के आसपास है। लेकिन अभी तक चलाए जा रहे अभियान के तहत महज पांच हजार लोगों को ही बूस्टर डोज लगाई जा सकी है। स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्करों के साथ ही बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए बराबर प्रोत्साहित किया जा रहा है।