बाराबंकी। दो दिन से दिन में धूप निकलने के बाद भी ठंड में जबरदस्त इजाफा होने से पशु-पक्षी व जानवर भी व्याकुल हैं। घने कोहरे के कारण दृश्यता इतनी कम रही कि वाहनों की हेडलाइट जलती रही। शुक्रवार को जिले में पारा और गिर गया। अधिकतम तापमान भी कम होने से परेशानियां बढ़ गईं।
यह तापमान जहां 19.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया वहीं न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री पर आ पहुंचा। लोग अलाव, हीटर व ब्लोअर के सहारे ठंड से जंग लड़ते नजर आए। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक ठंड का कहर जारी रहेगा और पारा 5 डिग्री से नीचे जाएगा।
शुक्रवार को सुबह घना कोहरा छाया रहने से दृश्यता इतनी कम रही कि सड़क यातायात के साथ ट्रेनों की रफ्तार भी थम गई। बाराबंकी रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली एक दो ट्रेनों को अपवाद स्वरूप छोड़ दिया जाय तो हर ट्रेन 1 से 3 तीन घंटे तक लेट है। रात में तो घने कोहरे के कारण ट्रकों व अन्य व्यावसायिक वाहनों के पहिए पूरी तरह से थम रहे।
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर ये वाहन रात में विभिन्न स्थानों व ढाबों पर खड़े रहे। हालांकि 11 बजे के बाद धूप निकली तो कोहरा छटने लगा। धूप निकलने के बाद बाजारों में भी चहल पहल रही। लेकिन शाम 4 बजे के बाद गलन तेजी से बढ़ी। ठंड के कारण शाम को सड़कों पर अपेक्षाकृत कम लोग नजर आए।
मौसम विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले छह-सात दिनों तक भीषण ठंड का सामना करना पड़ेगा। धूप देर में निकलेगी। उधर, ठंड बढ़ने के बाद नगर पालिका प्रशासन ने कुछ चिह्नित स्थानों पर लकड़ी तो गिरवाई मगर अलाव कुछ ही देर तक जले। लकड़ी समाप्त होने के बाद नाका सतरिख, रेलवे स्टेशन, पटेल तिराहा, पल्हरी चौराहा आदि स्थानों पर राख के ढेर नजर आए।