जहांगीराबाद (बाराबंकी)। एक गांव के कुछ शरारती तत्वों ने छुट्टा मवेशियों के झुंड को रेलवे लाइन की ओर खदेड़ दिया। इसी दौरान दोनों ओर से आ रही ट्रेन की चपेट में आकर 15 मवेशियों की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। जबकि घायल एक मवेशी को नेबलेट फार्म स्थित गोआश्रय स्थल पहुंचाया गया। हालांकि इस दौरान जहां बड़ी रेल दुघर्टना टली। वहीं क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रहीं है।
घटना जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के करंद गांव के पास गोंडा रेलवे लाइन की है। क्षेत्र के रामपुर मंदिर परिसर के पास छुट्टा मवेशियों के झुंड हमेशा बैठे रहते हैं। चारा व पानी को लेकर इधर-उधर जाने के बाद फिर वापस लौट आते हैं। बृहस्पतिवार की देर शाम बरगदही गांव के कुछ शरारती तत्वों ने मवेशियों के झुंड को घेर कर रेलवे ट्रैक की ओर खदेड़ दिया।
इसी दौरान दोनों ओर से आ ट्रेन आ गई। रेलवे लाइन के दोनों ओर कटीले तारों की बैरिकेडिंग होने के कारण हॉर्न देने के बाद भी मवेशी नहीं निकल सके। ऐसे में ट्रेन की चपेट में आकर 15 मवेशियों की मौत हो गई। एक साथ भारी संख्या में मवेशियों की मौत से क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस व पशुपालन विभाग के सहयोग से जेसीबी मंगाकर गड्ढा खुदवाकर मृत मवेशियों को दफन करा दिया गया। मगर, इसको लेकर स्थानीय लोग काफी आक्रोशित हैं। क्षेत्र में सरकार को बदनाम करने की साजिश व अन्य प्रकार की चर्चाएं तेज हैं। हालांकि उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विजय विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज कराया जाएगा। वहीं प्रभारी निरीक्षक दर्शन यादव ने बताया कि अभी कोई तहरीर नहीं मिली है।
गोआश्रय स्थल बनवाने की उठी मांग
ट्रेन हादसे में मवेशियों की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीण गोआश्रय स्थल बनवाने की मांग करते दिखे। ग्रामीणों को कहना है कि हर पंचायतों में गोआश्रय स्थल बनवाए जाएं। ताकि गांव में आने वाले छुट्टा मवेशियों को उसमें रखा जाए। दूर-दूर बने गोआश्रय स्थल के मवेशी गांव में आकर आतंक मचा रहे हैं। इससे किसान व ग्रामीण परेशान हैं।