बाराबंकी। यातायात के प्रति जागरूकता फैलाने वाले माह नवंबर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों में कहीं भी खौफ नहीं दिख रहा है। ऐसे में जहां डग्गामार वाहन बेतरतीब ढंग से सवारियां ढो रहे हैं, वहीं गोष्ठी से लेकर जागरूकता अभियान तक ठंडे पड़े हैं। यातायात नियम का पाठ पढ़ाने वाले खुद ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
रविवार को बिना सीट-बेल्ट दूसरों का चालान करने वाले ट्रैफिक व कोतवाली के इंस्पेक्टर बिना सीट-बेल्ट खुद ही फर्राटा भरते कैमरे में कैद हुए। यह तो महज बानगी भर है। यातायात माह की शुरुआत में एडीजी तक ने अभियान का जायजा लिया। उन्होंने यातायात के प्रति जागरूकता के टिप्स भी दिए।
मगर, उसके बाद त्योहारों की चकाचौंध में जिम्मेदार यातायात माह में जागरूकता संबंधी अभियान व गोष्ठी तक कराना भूल बैठे। यही कारण है कि शहर में कहीं पर भी जागरूकता के स्लोगन व पोस्टर तक नहीं दिखते। जबकि इसके नाम पर सरकार बजट भी उपलब्ध कराती है। यह हाल तब है जब ट्रैफिक पुलिस में 70 सिपाहियों की फौज है। वहीं दारोगा व होमगार्ड के जवान भी हैं।
एएसपी उत्तरी पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि हम और पुलिस अधीक्षक नए आए हैं। हाल में ही सीओ सिटी को ट्रैफिक का चार्ज मिला है। ऐसे में टीआई ने यातायात माह को लेकर कोई कार्ययोजना नहीं बनाई है। अब बचे हुए माह में कार्ययोजना बनाकर जागरूकता के अभियान चलाए जाएंगे। वहीं सघन चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जाएगी।