बाराबंकी। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सफदरगंज में बुधवार सुबह डीआईओएस राजेश कुमार वर्मा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कॉलेज का गेट बंद था। अंदर पहुंचने पर देखा तो छात्राएं उपस्थित थीं, मगर प्रधानाचार्या समेत एक भी शिक्षिका मौजूद नहीं थी। यह देख डीआईओएस का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल प्रधानाचार्या से दूरभाष पर बात कर फटकार लगाई। वहीं अनुपस्थित प्रधानाचार्य समेत शिक्षिकाओं का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
महिला सशक्तिकरण अभियान से लेकर बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार काफी गंभीर है। मगर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं के पहुंचने के घंटों बाद कॉलेज की प्रधानाचार्या व शिक्षिकाएं आतीं हैं। इस बात का सच बुधवार को डीआईओएस के निरीक्षण में सामने आया। जब सुबह करीब पौने नौ बजे डीआईओएस कॉलेज पहुंचे तो यहां पर भारी संख्या में छात्राएं मौजूद मिलीं। जबकि एक भी शिक्षिका मौके पर नहीं मिली। इस पर डीआईओएस ने छात्राओं से बात की तो उन्होंने बताया कि सर यह हाल एक दिन का नहीं, रोज का है।
शिक्षिकाओं के देर से आने व जल्दी जाने के फेर में पढ़ाई चौपट है। इस पर डीआईओएस काफी नाराज दिखे। उन्होंने प्रधानाचार्या को दूरभाष पर चेतावनी दी तो नोटिस भेजकर सभी का एक दिन का वेतन रोकने के साथ बृहस्पतिवार तक स्पष्टीकरण देने की बात की। डीआईओएस ने बताया कि अनुपस्थित मिलीं प्रधानाचार्या व शिक्षिकाओं का एक दिन का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।