बाराबंकी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने को अब केंद्र सरकार ने राशनकार्ड नंबर अनिवार्य कर दिया है। ताकि पति व पत्नी में से एक को ही सम्मान निधि का लाभ मिल सके। नई व्यवस्था के तहत शुरू हुए सम्मान निधि के नए पंजीकरण प्रक्रिया में बिना राशनकार्ड नंबर के पंजीकरण पर रोक लगा दी गई है।
इतना ही नहीं किसानों की सहूलियत की खातिर अब पंजीकरण के बाद कागजात व घोषणा-पत्र की हार्डकॉपी जमा करने के लिए कृषि विभाग के कार्यालय के चक्कर भी नहीं काटने होगे। क्योंकि पंजीकरण के समय ही खतौनी, आधार व बैंक पास बुक की फोटो की पीडीएफ फाइल ऑनलाइन अपलोड करना होगा।
जिले में पांच लाख 45 हजार 322 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पोर्टल पर पंजीकृत है। इसमें से चार लाख 99 हजार 73 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल चुका है। जिसमें भूमिहीन, नौकरीपेशा, पेंशनर, मृतक, आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले 20 हजार अपात्र योजना की शुरूआत से ही सम्मान निधि का लाभ पा चुके।
हालांकि पड़ताल में खुलासा हुआ तो सम्मान निधि रोकी गई। ऐसे में अब जब नए किसानों का पंजीकरण शुरू हुआ तो केंद्र सरकार ने नई व्यवस्था शुरू की। जिसके तहत प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीकरण के लिए राशनकार्ड का नंबर अनिवार्य किया गया है।
बिना इसके लाभ मिलना तो दूर पंजीकरण तक नहीं होगा। वहीं अब खतौनी, आधार कार्ड व बैंक पास बुक तथा घोषणा पत्र की हार्ड कॉपी जमा करने के लिए कृषि विभाग के कार्यालय आने से छुट्टी मिलेगी। क्योंकि किसानों की अधिक संख्या व अभिलेखों को सुरक्षित रखने में हो रही दिक्कतों को लेकर अब पंजीकरण के समय ही पीडीएफ फाइल में किसानों के अभिलेखों का ब्यौरा अपलोड होगा। ताकि जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन उसकी जांच की जा सके और किसानों को बार-बार कागजात न जमा करने पड़े।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए नए पंजीकरण के लिए साइट खोल दी गई है। अब तक पंजीकरण न कराने वाले किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर पंजीकरण करा सकते हैं। हालांकि नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण में राशनकार्ड का नंबर अनिवार्य किया गया है। जिन किसानों के पंजीकरण पहले से हैं वह दोबारा पंजीकरण न कराएं।
-अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक