बाराबंकी। सीएमओ के आदेश पर नोडल अधिकारी की टीम ने बृहस्पतिवार को अवैध अस्पतालों पर छापा मारा। इस दौरान टीम को देेख कई क्लीनिक संचालक अपनी क्लीनिक बंद कर भाग खड़े हुए। जिस पर नोडल अधिकारी ने सभी को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
चिकित्सा एवं पंजीयन के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने बृहस्पतिवार को टीम के साथ रामनगर स्थित विशाल सर्जिकल पर छापा मारा। जिससे क्षेत्र के अन्य अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया। इसके साथ ही उन्होंने चंदन अस्पताल टिकैतनगर की जांच की और खामियां पाए जाने पर नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
डॉक्टर दीक्षित ने बताया कि इसके अलावा बिंदौरा स्थित शैलेन्द्र प्रताप, धामपुर स्थित जितेन्द्र, टिकैतनगर स्थित दयाराम, अमर मौर्या और आनंद कुुुमार के क्लीनिक की जांच की गई। लेकिन ये लोग किसी प्रकार के कोई प्रपत्र नहीं दिखा पाए।
इसके बाद बारिनबाग स्थित दिवाकर के क्लीनिक तथा रामसनेेहीघाट स्थित ज्ञान प्रकाश यादव के क्लीनिक की जांच की गई लेकिन ये लोग किसी प्रकार के कोई प्रपत्र नहीं दिखा सके। जबकि मरकामऊ स्थित रामलखन और वीके यादव टीम को देख अपनी क्लीनिक बंद कर भाग गए। जिस पर इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच, नोटिस जारी
बाराबंकी। पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी संजय बाबू ने जिलाधिकारी के आदेश पर बृहस्पतिवार को एसडीएम हैदरगढ़ शालिनी प्रभाकर के साथ कई डायग्नोस्टिक सेंटरों पर छापा मारा। इस दौरान खामियां पाए जाने पर संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नोडल अधिकारी ने बताया कि इंडिया डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारा गया तो वह बंद मिला।
इसके अलावा लाइफ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर, सार्थक संकल्प अल्ट्रासाउंड केंद्र, भारत डायग्नोस्टिक सेंटर भिलवल की जांच की गई तो यहां पर कई प्रकार की खामियां पाए जाने पर इनके संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। बताया कि कई सेंटरों पर कोविड 19 का पालन भी होते नहीं पाया गया।