हैदरगढ़ (बाराबंकी)। फीस जमा करने के बाद प्रवेश-पत्र देने की शर्त से आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर वसूली का आरोप लगा मंगलवार को तहसील में प्रदर्शन किया। इस पर पहुंचीं एसडीएम ने छात्रों की बात सुनने के बाद मौके पर प्रवेश-पत्र मंगवाकर उनका वितरण कराया। उसके बाद मामला शांत हुआ। मामला हैदरगढ़ कस्बे का है।
यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने के दो दिन पहले मंगलवार को काफी संख्या में छात्र प्रवेश-पत्र लेने सार्वजनिक इंटर कॉलेज पहुंचे। यहां पर फीस जमा करने पर प्रवेश-पत्र मिलने की बात कर्मचारियों ने बताई। इस पर कॉलेज प्रबंधन पर धन उगाही का आरोप लगा छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद भी बात बनती नहीं दिखी तो आक्रोशित छात्र तहसील पहुंच गए।
यहां पर एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में कॉलेज के प्राचार्य सुधांशु पांडेय पर अवैध धन उगाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप था कि प्रवेश पत्र के नाम पर दस हजार और प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए डेढ़ हजार रुपये की मांग की जा रही है। शुल्क नहीं देने पर परीक्षा से वंचित करने की धमकी दी जा रही है।
इस पर एसडीएम शालिनी प्रभाकर ने प्राचार्य का कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल प्रवेश पत्र भेजवाने के निर्देश दिए। इस पर कॉलेज के कर्मचारी प्रवेश पत्र लेकर तहसील पहुंचे। इसका वितरण एसडीएम की मौजूदगी में होने के बाद मामला शांत हुआ। एसडीएम शालिनी प्रभाकर ने बताया कि कॉलेज को सभी छात्रों में निशुल्क प्रवेश पत्र वितरण के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन पर कार्रवाई के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
प्रवेश-पत्र के लिए कॉलेजों में लगी लंबी लाइनें
लंबे समय से कॉलेजों की मोटी फीस जमा न करने वाले कॉलेजों से फीस वसूलने का सबसे अच्छा मौका कॉलेजों को प्रवेश-पत्र का वितरण दिख रहा है। फीस चुकाने पर ही प्रवेश-पत्र मिलने को लेकर छात्र व अभिभावक भी परेशान हैं। इसको लेकर इन दिनों शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक के कॉलेजों में प्रवेश-पत्र लेने के लिए उमड़ पड़ी है।
छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी पहुंच रहे हैं। कुछ तो थोड़ी-बहुत फीस जमाकर प्रवेश-पत्र ले रहे हैं। जबकि कई ऐसे अभिभावक भी दिखे जो फीस जमा करने के पक्ष में ही नहीं थे। हालांकि कॉलेज प्रबंधक भी फंसी हुई फीस को वसूलने के लिए रियायत कर रहे हैं।