बाराबंकी। जिले में हो रही खाद की कालाबाजारी से आक्रोशित भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन ने सोमवार को देवा तिराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि आलू और गेहूं की बोआई का समय चल रहा है ऐसे में किसान खाद के लिए धक्के खा रहे हैं। जबकि जिले में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर खाद की कालाबाजारी हो रही है। इस पर रोक नहीं लगी तो किसान आंदोलन को मजबूर होंगे।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि जिम्मेदार पूरी तरह से लापरवाही बरत रहे हैं और किसान खाद के लिए धक्के खा रहा है। जबकि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। इससे साफ है कि अधिकारियों के संरक्षण में खाद की जमकर कालाबाजारी की जा रही है।
आरोप लगाया कि निजी दुकानों पर नकली खाद बेची जा रही है। बुढ़वल गन्ना मिल को तत्काल चालू कराया जाए और जहां पर धान की खरीद शुरू नहीं हो सकी हैं वहां पर धान की खरीद शुरू कराई जाए। कहा कि कुर्सी स्थित अमरून फैक्टरी से निकलने वाला दूषित पानी रेठ नदी में गिर रहा है।
इससे नदी का पानी दूषित हो रहा है। इसकी जांच कराकर ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस मौके पर कमलेश यादव, बलराम यादव, जितेन्द्र तौहीद, दिनेश, अभिनंदन, गुड्डू यादव आदि मौजूद रहे।
क्रय केंद्रों पर मनमानी से किसानों में आक्रोश
सरकारी धान खरीद केंद्रों पर महज 35 प्रतिशत ही धान की खरीद किए जाने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सोमवार को भाकियू बंकी ब्लॉक अध्यक्ष विक्रांत सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि यदि इसमें बदलाव नहीं किया गया तो किसान 22 नवंबर को लखनऊ में होनेे वाली पंचायत में धान लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ जाकर प्रदर्शन करेंगे।
कहा कि ऐसा कोई आदेश नहीं है कि किसानों से 35 प्रतिशत ही धान की खरीद की जाए लेकिन क्रय केंद्र प्रभारी पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं। इससे किसान खासा परेशान है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर मो. इस्माइल, अमित सोनी, तौहीद खान, मुकेश सोनी, आशीष रस्तोगी, विशाल निगम, सुधाकर वर्मा आदि मौजूद रहे।