फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुस्त दिखी पुलिस, नहीं रोक पाए रेल

विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। संयुक्त किसान मोर्चा के सोमवार को रेल रोकने के ऐलान पर पुलिस-प्रशासन और किसानों के बीच पूरे दिन सह-मात का खेल चला। पुलिस प्रशासन रेलवे स्टेशन से लेकर किसान नेताओं के घर तक तैनात रहा। तो किसान नेता भी मौका पाकर सड़कों पर उतरे मगर केवल ज्ञापन देकर ही वापस लौट गए। जिले में कहीं भी रेल नहीं रोक पाए।
विज्ञापन

या यूं कहा जाए कि पुलिस चुस्त और किसान रेल रोकने में पस्त नजर आए। इस दौरान एसपी यमुना प्रसाद, सीओ सिटी सीमा यादव और एसडीएम सदर सुमित यादव भारी पुलिस बल के साथ रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहे। पुलिस लाइन तिराहे पर पहले से ही बैरिकेडिंग कर दी गई थी। यहां पर भारी संख्या में पुलिस को तैनात कर दिया गया था जिससे किसान रेलवे स्टेशन की ओर जा नहीं सके।
तीनों कृषि कानून और लखीमपुर घटना के विरोध में केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को काफी संख्या में किसान बेगमगंज स्थित भाकियू कार्यालय पहुंचे। यहां से भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर पटेल के नेतृत्व में किसान पैदल मार्च और नारेबाजी करते हुए रेलवे स्टेशन की तरफ चल दिए। लेकिन पुलिस पहले से ही चौराहों पर मुस्तैद थी।
विज्ञापन

पुलिस लाइन तिराहे के पास पहुंचे किसानों को पुलिस ने रोक लिया। इसी बीच एएसपी अवधेश सिंह और एडीएम संदीप गुप्ता ने वहां पर किसानों को समझाकर उनका ज्ञापन लेकर वापस कर दिया। जिले में सबसे पहले सिरौलीगौसपुर में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं को बदोसरायं पुलिस ने उस समय रोक लिया जब वह रेल रोकने जा रहे थे। फतेहपुर में कोतवाल संजय मौर्य ने किसानों को रास्ते में रोक लिया।
दरियाबाद रेलवे स्टेशन पर एएसपी दक्षिणी मनोज पांडेय और सीओ रामसनेहीघाट रघुवीर सिंह पूरी तरह मुस्तैद दिखे। वहीं हैदरगढ़ में डॉ. हरीराम के नेतृत्व में रेल रोकने जा रहे किसानों को पुलिस ने चौराहे पर ही रोक लिया और ज्ञापन लेकर वापस कर दिया। भाकियू के जिला उपाध्यक्ष उत्तम वर्मा को उनके गांव बहादुरपुर में ही नजरबंद कर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार को किसान नेताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा किसान नेता अनिल वर्मा, सतीश वर्मा रिंकू, शिवनारायण वर्मा, विक्रांत सैनी समेत अन्य नेताओं को पुलिस ने घरों पर ही नजरबंद कर दिया। इनके तमाम प्रयासों के बाद भी इन्हें गांव से बाहर नहीं निकलने दिया गया। इसके चलते किसानों का रेल रोको आंदोलन सफल नहीं हो सका। इस मौके पर कमालुद्दीन, इस्माइल, मुलायम सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें