बाराबंकी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पिछड़ी जातियों का दबदबा रहेगा। इस जाति के मतदाता निर्णायक भूमिका में रहकर प्रधानों की जीत के सूत्रधार बनेंगे। जिले में वर्ष 2015 में हुए रैपिड सर्वे में पिछड़ी जातियों की संख्या सबसे अधिक थी। इसी के आधार पर ग्राम पंचायतों का आरक्षण होना है। सरकार का आदेश मिलते ही पंचायतीराज विभाग द्वारा अवरोही क्रम में ग्राम पंचायतों का आरक्षण किया जाएगा। 15 ब्लॉक क्षेत्रों की 1166 ग्राम पंचायतों की कुल आबादी 23 लाख 35 हजार 454 है। इनमें से 20 लाख 58 हजार 795 पिछड़ी जातियों के लोग शामिल हैं।
वर्ष 2015 में जिले में रैपिड सर्वे कराया गया था। जिसमें सबसे अधिक पिछड़ी जातियों की संख्या निकलकर सामने आई थी। जबकि दूसरे नंबर पर अनुसूचित जाति के तो तीसरे नंबर पर सामान्य वर्ग के लोग शामिल हैं। ऐसे में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पिछड़ी जातियों का दबदबा निर्णायक भूमिका में रहेगा। हमेशा की तरह ग्राम पंचायतों का आरक्षण इस बार भी अवरोही क्रम में होगा। इसमें सबसे पहले अनुसूचित जाति, फिर पिछड़ी और इसके बाद सामान्य जातियों के आधार पर ग्राम पंचायतों का आरक्षण किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग आरक्षण को लेकर शासन के दिशा-निर्देशों के इंतजार में है।
ब्लॉक जनसंख्या
देवा 1,22,017
हरख 89,845
दरियाबाद 78,546
रामनगर 1,03,773
सूरतगंज 1,36,659
फतेहपुर 1,44,334
निंदूरा 1,12,596
मसौली 1,11,888
बंकी 1,05,017
हैदरगढ़ 71,473
त्रिवेदीगंज 78,636
सिद्धौर 97,156
सिरौलीगौसपुर 1,09,654
बनीकोडर 1,04,742
पूरेडलई 59,766
ग्राम पंचायतों के आरक्षण को लेकर भले ही कोई कवायद न शुरू हुई हो लेकिन चुनाव लड़ने वाले अपने-अपने तरीके से गुणा-भाग कर पंचायतों का आरक्षण तय करने में लगे हुए हैं। यहां तक लोग आरक्षण के अनुुसार निर्धारित होने वाली सीट के आधार पर स्वयं या फिर अपने किसी खास को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी में लगे हुए हैं। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद पंचायत चुनाव की सरगर्मियों में काफी तेजी के साथ हलचल शुरू हो जाएगी।
पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायतों का आरक्षण होना है। शासन से आदेश मिलने के बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा। आरक्षण की प्रक्रिया नियमानुसार अवरोही क्रम में होगी।
रणविजय सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी, बाराबंकी