बाराबंकी। वायरल बुखार अब जानलेवा बनने लगा है। बुखार की चपेट में आकर एक बच्चे की मंगलवार को मौत हो गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश देते हुए एक टीम गांव भेजी है। वहीं वायरल बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। जिला अस्पताल में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन विभाग इस पर रोक लगा पाने में पूरी तरह से नाकाम है।
त्रिवेदीगंज के जौरास निवासी जगदीश का ढाई साल का बेटा आयुष पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। जगदीश ने बताया कि बुखार आने पर निजी चिकित्सकों से उपचार कराया जा रहा था। लेकिन सोमवार की शाम को हालत गंभीर होने पर सीएचसी ले गया जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिवारीजनों ने उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर मंगलवार को उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
क्योंकि वायरल बुखार से बच्चे की मौत के बाद परिवारीजनों का जहां हाल बेहाल है। वहीं विभाग भी सकते में है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। मंगलवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 13 सौ से अधिक मरीज आए।
इनमें वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा थी। अस्पताल प्रशासन की माने तो इस समय सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुुखार के आ रहे हैं। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। लेकिन वायरल बुखार से बच्चे की मौत का यह पहला मामला है।
टीकाकरण को जुट रही भीड़
कोरोना का टीका लगवाने के लिए केंद्रों पर जुट रही लोगों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। हर कोई पहले टीका लगवाने के प्रयास हैं। इसको लेकर लोग आपस में झगड़ा भी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि हम लोग टीका लगवाने के लिए सुबह से ही लाइन में लग जाते हैं लेकिन जब तक हम लोगों का नंबर आता है तब तक वैक्सीन ही खत्म हो जाती है। मंगलवार को भी कई केंद्रों पर वैक्सीन खत्म हो जाने के कारण लाइन में लगे लोगों को बिना टीका लगवाए ही निराश होकर लौटना पड़ा।
त्रिवेदीगंज क्षेत्र के जौरास गांव में एक बच्चे की बुखार से मौत की सूचना मिली है। सूचना मिलते ही सीएचसी अधीक्षक को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही एक टीम गांव में जांच के लिए भेजी जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की मौत किन कारणों से हुई है।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ