बाराबंकी। गन्ना किसान अब ऑनलाइन घोषणा पत्र भरेंगे। इससे पहले किसानों को मैन्युअली ही घोषणा पत्र भरना पड़ता था। किसानों के घोषणा पत्र का सर्वे से मिलान होने के बाद ही सट्टा निर्धारित होगा। गन्ना विभाग ने किसानों से घोषणा पत्र ऑनलाइन भरवाने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं पिछली बार की अपेक्षा इस बार जिले में दो से तीन प्रतिशत अधिक गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ने की उम्मीद है।
जिले के गन्ना किसान अपना घोषण पत्र वेबसाइट के जरिये भरेंगे। उनको ऑनलाइन घोषणा पत्र के साथ अपने अभिलेख भी अपलोड करने होंगे। किसान को पहचान के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस या बैंक पासबुक की प्रति अपलोड करनी होगी। गन्ना क्षेत्रफल में कितनी पेड़ी, कितना पौधा, कितनी जमीन है आदि का ब्योरा भी भरेंगे।
पहली बार सभी किसानों द्वारा भरे गए ऑनलाइन घोषणा पत्र की जांच सर्वे टीम द्वारा की जाएगी। जिन किसानों का घोषणा पत्र सभी आवश्यक अभिलेख सहित अपलोड नहीं होगा उनका सट्टा संचालित नहीं होगा। किसानों को समय से अपना सट्टा संचालित कर निर्बाध रूप से गन्ने की आपूर्ति करने में कोई कठिनाई न हो इसके लिए उन्हें समय से ऑनलाइन घोषणा पत्र भरना होगा।
ऑनलाइन व्यवस्था से अंजान गन्ना किसानों को सर्वे करने वाली टीम द्वारा इसकी जानकारी दी जाएगी और ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने में किसानों के क्षेत्रीय सुपरवाइजर भी पूरी मदद करेंगे।
पिछले वर्ष जिले में 76 सौ हेक्टेयर में गन्ने की बोआई हुई थी। इस बार दो से तीन प्रतिशत अधिक गन्ने की पैदावार होने की संभावना है। 30 जून तक चलने वाला सर्वे का कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अब तक करीब साढ़े छह हजार हेक्टेयर गन्ने का सर्वे निकलकर सामने आया है। सर्वे पूरा होने के बाद ऑनलाइन घोषणा पत्र से डाटा का मिलान होगा।
जिला गन्ना अधिकारी रत्नेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि गन्ना किसानों को अब ऑनलाइन घोषणा पत्र भरना होगा। इसमें सर्वे में लगी टीमें मदद करेंगी। इस बार गन्ने का क्षेत्रफल भी बढ़ेगा। 30 जून तक सर्वे पूरा हो जाएगा।