बाराबंकी। भगवान भास्कर की आराधना का पर्व छठ विधिविधान से मनाया जाता है। चार दिन तक चलने वाले इस पर्व में पूर्वांचल और बिहार प्रांत से जुड़े परिवारों में उल्लास का माहौल है। कोरोना के बाद इस बार पर्व पर लोगों में ज्यादा उत्साह है। रविवार को लोगों ने बाजार में खरीदारी भी की।
ऊर्जा के प्रमुख स्रोत सूर्य के प्रति श्रद्धा के साथ कृतज्ञता अर्पित करने की प्रक्रिया ही छठ पूजा है। छठ पूजा पर उगते हुए सूर्य के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। सूर्योपासना और संध्योपासना का छठ की पूजा में विशेष महत्व होता है। चार दिनों के इस महापर्व में सूर्य नारायण की पूजा-अर्चना की जाती है। छठ माता की पूजा को लेकर श्रद्धालुओं की चहलपहल तेज हो गई है।
इस बार छठ पर्व पर कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। बाजारों में रौनक छा गई है। लोगों ने पूजन सामग्री की खरीदारी की। नहाय खाय रस्म के साथ सोमवार से पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी।