बाराबंकी। तीन मंजिला विकास भवन में लगी लिफ्ट के संचालन में बरती जा रही लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर डेढ़ घंटा तक लिफ्ट में ही फंस कर एक और कर्मचारी को भुगतना पड़ा। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बावजूद चलती लिफ्ट के बीच में बंद हो जाने से कार्यरत कर्मियों में गहरा रोष है। इससे पहले भी कई और कर्मचारी लिफ्ट बीच फंस जाने की परेशानी झेल चुके हैं। इसके बावजूद लिफ्ट से जुड़ी तकनीकी खामी को दूर नहीं कराया जा रहा। इससे कार्यरत कर्मचारियों में गहरा रोष है।
दूसरे तल पर स्थित नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय में डीसी के पद पर तैनात शिवम विश्वकर्मा सरकारी कार्य से बाहर गए थे। शुक्रवार को दोपहर डेढ़ बजे करीब विकास भवन वापिस आने के बाद वह लिफ्ट से कार्यालय कक्ष की तरफ जा रहे थे । इसी दौरान बिजली आपूर्ति बहाल होने के बावजूद लिफ्ट अचानक बीच में अटक गयी।
शिवम लिफ्ट में अकेले थे। लिफ्ट रुकता देख उन्होंने अपने साथी कर्मचारी अतुल को फोन किया। सभी साथी लिफ्ट के सामने पहुंच कर उसे खोलने के प्रयास में जुट गए। इस दौरान संबंधित विभाग से संपर्क के बाद मौके पर पहुंचे इंजीनियर ने तकनीकी समस्या दूर कर लिफ्ट का संचालन शुरू कराया। करीब डेढ़ घंटे तक लिफ्ट में फंसे शिवम ने राहत की सांस ली।
इस घठना को लेकर विकास भवन के कर्मचारियों में गहरा रोष है। कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष मुस्तफा खान ने बताया कि इससे पहले भी बाल विकास और डूडा विभाग का एक-एक कर्मचारी घंटों लिफ्ट में फंस चुका है। इसके बाद भी न तो लिफ्ट सहीं करायी गयी और न ही किसी प्रशिक्षित आपरेटर की तैनाती की गयी।