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खेतों में दिखा तेंदुआ, पगचिन्हों से हुई पुष्टि, दहशत बढ़ी

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बाराबंकी। पिछले कई दिनों से जिले में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ कोठी थाना क्षेत्र के मझपुरा गांव में दिखा। चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीणों के मुताबिक इनकी संख्या दो है। सूचना पाने के बाद वन व पुलिस विभाग की टीमें पूरा दिन कॉम्बिंग में जुटी रहीं। खेतों में पगचिह्न भी मिले हैं जिसके बाद तेंदुआ होने की बात वन विभाग ने स्वीकार कर लिया है। इसे लेकर पूरे क्षेत्र में दहशत व्याप्त हो गई है। वन विभाग की तीन टीमें लगी हैं। ग्रामीणों को सजग किया जा रहा कि बहुत जरूरी होने पर झुंड में ही निकलें। निर्जन स्थानों पर मत जाएं।
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कोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत मचपुरा गांव में सोमवार सुबह गांव के निवासी मोहम्मद इसरार व रामू अपने खेत की रखवाली कर रहे थे। तभी उन्होंने खेत के पास से तेंदुआ का जोड़ा निकलते देखा तो दोनों सन्न रह गए। दोनों दौड़ते हुए गांव पहुंचे तो कई लोग उधर दौड़े। कुछ ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने देखा कि पुआल के ढेर में दो तेंदुआ बैठे थे।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को इसरार के खेत की तरफ न जाने की हिदायत दी। थानाध्यक्ष कोठी संजीत कुमार सोनकर व वन दरोगा वीर भगत सिंह की टीम ने पड़ताल में पाया कि खेतों के आसपास पगचिह्न बने हैं। उधर, घुंघटेर थाना क्षेत्र के ग्राम पीरनगर में भी सोमवार सुबह ग्रामीणों द्वारा तेंदुआ देखे जाने की बात कही जा रही है।
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ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। नीलगाय का एक बच्चा घायल हालत में मिला। हालांकि वन विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि नीलगाय खेतों की सुरक्षा में लगाए गए कटीले तार की वजह से घायल हुई है। अभी तेंदुआ की पुष्टि नहीं हुई है।
डीएफओ ने स्वीकारा, तेंदुआ ही था
जिले में तेंदुआ की आमद को लेकर अभी तक अफवाह बता रहा वन विभाग भी बैकफुट पर आया। डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि कोठी क्षेत्र में एक तेंदुआ के पगचिह्न मिले हैं। मौके पर तीन टीमें लगा दी गईं हैं। ग्रामीणों को सजग कर दिया गया है। पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है।
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