बाराबंकी। दीपावली के पर्व पर घटिया व मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री रोकने को खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने सोमवार को सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान घटिया गुणवत्ता की आशंका पर खोवा मंडी में बेचा जा रहा 265 किलोग्राम खोवा और दीपक ट्रेडर्स के यहां से मिला 6 क्विंटल आटा नमूना सैंपलिंग के बाद मौके पर ही नष्ट कराने की कार्रवाई की गयी।
इसके साथ ही जांच टीमों ने विभिन्न दुकानों की जांच कर बेसन, चावल, चना व खोवा समेत 13 नमूने सीज कर प्रयोगशाला जांच को भेजे। कार्रवाई के दौरान खोवा मंडी पहुंची एफएसडीए की टीम को देख कई व्यापारी अपना खोवा डोलचियों में ही छोड़कर भाग खड़े हुए।
एफएसडीए की अभिहीत अधिकारी प्रियंका सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने सोमवार को ठाकुरद्वारा स्थित खोवा मंडी पहुंचकर वहां बिक रहे खोवा की रेंडम जांच पड़ताल शुरू की। मौके से मिलावटी व गुणवत्ता में घटिया मिले 265 किग्रा खोवा का नमूना जांच को लेने के बाद उसे मौके पर नष्ट कराने को गड्ढे में दबाया गया। टीम ने नबीगंज स्थित दीपक ट्रेडर्स के यहां जांच कर आटा, तेल, बेसन, सेंवई का नूमना लैब भेजने के साथ ही गुणवत्ता में घटिया मिला 6 क्विंटल आटा भी सुरक्षित तरह से नष्ट कराया।
इसके अलावा टीम ने कानून गोयन स्थित लालता जायसवाल के प्रतिष्ठान पर जांच कर यहां से बेसन के दो, चावल तथा रोस्टेड चना का एक-एक नमूना लैब जांच को सीज कर भेजा। इस दौरान मिलावट की आशंका पर 26 बोरी चावल, 18 क्विंटल बेसन मारवाडी ब्रांड, 12 क्विंटल रोस्टेड चना तथा ढाई क्विंटल बेसन को सीज कर लैब की जांच रिपोर्ट आने तक इसकी बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की।
टीम ने नाका सतरिख स्थित सत्यम इंटरप्राइजेज से बेसन के दो व चावल का एक, घंटाघर स्थित मोहित की दुकान से खोवा तथा दिनेश की दुकान से खोवा का एक एक नमूना भरकर जांच को भेजा है। जांच टीम में एफएसओ अनिल कुमार पाल, ओंकारनाथ यादव, कमल कुमार, शंकर दयाल तिवारी व डॉ. राकेश सिंह आदि शामिल रहे।