बाराबंकी। शहर में अब प्रीपेड मीटर के जरिए बिजली आपूर्ति की जाएगी। पहले चरण में ऐसे उपभोक्ता जिनके घर पर स्मार्ट मीटर लगे हैं उनको यह सुविधा दी जाएगी। यह सेवा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कई जिलों में शुरू की जा रही है। मध्यांचल में बाराबंकी को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया गया है। जल्द ही शहर में करीब 22 हजार उपभोक्ताओं को प्री-पेड मीटर की सुविधा मिल सकेगी।
अब बिजली के प्रीपेड मीटर लगाने की तैयारी की जा रही है। पहले चरण में यह सुविधा उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगी जिनके आवास पर स्मार्ट मीटर लगे हैं। इन्हीं स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मीटर में परिवर्तित कर सुविधा दी जाएगी। शहर में 22 हजार पांच उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हैं।
यह उपभोक्ता जरूरत के हिसाब से मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज करवा सकेंगे। बिजली खपत और बिल की जानकारी सीधे उपभोक्ता के मोबाइल पर जाएगी। रिचार्ज का पैसा खत्म होने से एक सप्ताह पहले उपभोक्ताओं को बत्ती गुल होने का एसएमएस मिलेगा। रिचार्ज न करने पर बिजली काट दी जाएगी।
प्रीपेड मीटर से पकड़ी जा सकेगी चोरी
प्रीपेड मीटर मोबाइल रिचार्ज की तर्ज पर काम करेगा। जितनी राशि से रिचार्ज कराया जाएगा उपभोक्ता उतनी ही बिजली का उपभोग कर सकेंगे। साथ ही उपभोक्ता ने अगर कटिया डालकर बिजली का प्रयोग किया तो ट्रांसफॉर्मर में लगा मीटर उस क्षेत्र में बिजली की खपत के बारे में जानकारी देगा।
इससे चेकिंग कर पता चल सकेगा कि बिजली की चोरी कौन कर रहा है। चोरी करने वाले उपभोक्ता के घर का लोड और रिचार्ज कराकर प्रयोग की जा रही बिजली की खपत का आंकलन कर चेतावनी देने के साथ ही कार्रवाई की जा सकेगी।
अभी ऐसे काम कर रहा स्मार्ट मीटर
रेडियो फ्रीक्वेंसी से चलने वाले इन स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करने पर कंपनी के कंट्रोल रूम में पता चल जाता है। सर्विस क्रमांक उपभोक्ता के नाम सहित जानकारी सेंट्रल सर्वर तक पहुंच जाती है। मीटर में लगे रिमोट डिस्कनेक्शन यूनिट के जरिए कंट्रोल रूम अथवा मोबाइल फोन से संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन काट दिया जाता है।
स्मार्ट मीटर के अंदर एक विशेष प्रकार की डिवाइस लगी होती है। बिजली का बिल समय पर अदा न करने पर ऊर्जा निगम की ओर से उपभोक्ता को एक बार चेतावनी संदेश भेजा आता है। बिल का भुगतान न करने पर बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है।
बाराबंकी को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया गया है। इस बाबत पत्र प्राप्त हो चुका है। सबसे पहले इसे शहर में लागू किया जाएगा। शहर में ऐसे उपभोक्ता जिनके आवास पर स्मार्ट मीटर लगा है उनकी सहमति से उसे प्रीपेड में परिवर्तित किया जाएगा।
-चंद्रशेखर सिंह, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन