फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले से खत्म हुआ बसपा और कांग्रेस का जनाधार

विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। विधानसभा चुनाव में मतगणना के बाद आए परिणामों ने साफ कर दिया है कि बसपा और कांग्रेस का जनाधार जिले में पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। मतगणना से पहले लगाए जा रहे कयासों पर बृहस्पतिवार को आए नतीजों ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है और साफ हो गया कि बसपा और कांग्रेस जिले की किसी भी सीट पर लड़ाई में ही नहीं दिखाई दी। वहीं कांग्रेस से तीन बार बेटे को चुनाव लड़ा चुके पूर्व सांसद पीएल पुनिया भी तमाम प्रयासों के बावजूद बेटे को चुनाव जिताने में असफल रहे।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना का पहला राउंड करीब एक घंटे बाद पूरा हुआ। इस दौरान भाजपा और सपा के उम्मीदवारों के बीच ही मुकाबला दिखाई दिया। जबकि बसपा और कांग्रेस पहले ही राउंड से मुकाबले से बाहर होती दिखाई दी। अंतिम दौर तक चली मतगणना में बसपा और कांग्रेस के उम्मीदवार एक भी राउंड में किसी भी सीट पर लड़ाई में ही नजर नहीं आए। जबकि मतगणना से पहले तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे।
कोई बाराबंकी सदर सीट से बसपा उम्मीदवार की जीत पक्की मान रहा था जबकि इन्हें महज 42 हजार वोट मिले। जबकि बसपा उम्मीदवार के रुप में रामनगर सीट से चुनाव लड़ रहे रामकिशोर शुक्ला को 23 हजार वोट से ही संतोष करना पड़ा। वहीं दरियाबाद से बसपा प्रत्याशियों जग प्रसाद को काफी मजबूत स्थिति में बताया जा रहा था लेकिन इन्हें महज 28 हजार वोट ही मिले।
विज्ञापन

जैदपुर सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार तनुज पुनिया की जीत तो कांग्रेसी पक्की मान रहे थे जबकि इन्हें भी 28 हजार वोट ही मिले। चुनावी नतीजों ने साफ कर दिया है कि बसपा और कांग्रेस जिले से अपना जनाधार पूरी तरह से खो चुकी है। जबकि पूर्व राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया अपने बेटे तनुज पुनिया को कांग्रेस के टिकट पर तीन चुनाव लड़ा चुके हैं लेकिन वह किसी भी चुनाव में बेटे को जीत दिला पाने में सफल नहीं हो पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें