बाराबंकी। राइस मिल मालिक धान खरीद केंद्रों से धान की उठान करने का एग्रीमेंट तो कर लिए लेकिन धान की उठान नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण इसका विपरीत असर धान की खरीद पर पड़ने लगा है। जगह के अभाव में धान खरीद की रफ्तार काफी धीमी होती जा रही है। जिससे क्रय केंद्रों पर धान लेकर आने वाले किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और तौल न होने के कारण उनकी रातें क्रय केंद्रों पर गुजर रही हैं। केंद्र प्रभारियों ने ऐसे मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला खाद्य विपणन अधिकारी को पत्र भी लिखा है।
जिले में अब तक करीब 24 हजार एमटी धान की खरीद हो चुकी है लेकिन इसमें से राइस मिल मालिकों द्वारा महज 13 हजार एमटी धान की उठान क्रय केंद्रों से की गई है। 11 हजार एमटी से ज्यादा धान अभी भी क्रय केंद्रों पर लगा हुआ है। सबसे खराब स्थित नवीन मंडी में खुले क्रय केंद्रों की है। यहां पर खुले चार केंद्रों पर उठान न होने की वजह से धान डंप होता जा रहा है। जिससे धान की तौल की रफ्तार काफी धीमी हो गई है और धान लदी ट्रॉलियों की लाइन लगती जा रही है।
जबकि किसान अपने धान की तौल पहले कराने के लिए आपस में ही भिड़ रहे हैं। लेकिन एग्रीमेंट किए जाने के बाद भी राइस मिल मालिक सरकारी धान की उठान करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे किसानों की दिक्कतें बढ़ती जा रही है और उन्हें धान की रखवाली के क्रय केंद्रों पर ही रात गुजारनी पड़ रही है। केंद्र प्रभारियों ने ऐसे मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है जिससे धान की खरीद सुचारु गति से होती रहे।
क्रय केंद्रों पर खरीदे गए सरकारी धान की उठान के लिए लगातार राइस मिल मालिकों से संपर्क किया जा रहा है। लेकिन एग्रीमेंट किए जाने के बाद भी यदि राइस मिल मालिक धान की उठान नहीं कर रहे हैं तो इसकी जांच कराकर ऐसे राइस मिल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-रमेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी