बाराबंकी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। फतेहपुर कोतवाली में एक सप्ताह में दूसरी बार एक लेखपाल पर भ्रष्टाचार की रिपोर्ट राजस्व निरीक्षक ने दर्ज कराई। वहीं विजलेंस के इंस्पेक्टर ने विद्युत वितरण खंड के फतेहपुर कार्यालय में तैनात लिपिक पर आय से अधिक संपत्ति की एफआईआर दर्ज कराई। सरकारी कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
फतेहपुर कोतवाली में बृहस्पतिवार को भ्रष्टाचार मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई। इसमें विजलेंस के इंस्पेक्टर कमलेश्वर प्रसाद यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि फतेहपुर के विद्युत वितरण खंड के कार्यालय सहायक तृतीय आलोक मौर्य की शिकायत उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लि. शक्ति भवन में की गई थी। इसमें तबादले के बाद कार्यालय सहायक आलोक पर अधिकारियों की शह पर गृह जनपद में काम कर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगाया गया। जांच में यह शिकायत सही पाई गई।
कार्यालय सहायक द्वारा राजस्व वसूली की रसीद बुकों में बिना हस्ताक्षर के भ्रष्टाचार किया जाना पाया गया है। कार्यालय सहायक के वेतन भत्तों से आठ लाख से अधिक का भुगतान चेक के माध्यम से किया गया था। इस पर पुलिस ने कार्यालय सहायक आलोक मौर्य पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की।
वहीं एक अन्य मामले में फतेहपुर तहसील के भगौली में तैनात राजस्व निरीक्षक रंजीत कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें लेखपाल साकेत रावत द्वारा पैसा लिया जा रहा है। जो भ्रष्टाचार का होना प्रतीत होता है। ऐसे में लेखपाल साकेत रावत पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर गई।
लेखपाल पर एक सप्ताह में रुपये के लेनदेन का वायरल होते वीडियो को लेकर दूसरी एफआईआर दर्ज की गई। इस बाबत एएसपी उत्तरी पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि फतेहपुर कोतवाली में भ्रष्टाचार के दो मामले दर्ज किए गए हैं। इसमें राजस्व निरीक्षक ने लेखपाल पर व विजलेंस के इंस्पेक्टर ने पावर कॉर्पोरेशन के कर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।