अस्कोट में अस्पताल भवन की टूटी हुई छत
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शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते प्राथमिक विद्यालय खजुरिहा में बड़ा हादसा होते होते बच गया। विद्यालय की छत का प्लास्टर टूटकर गिरने से दो छात्राएं मामूली रूप से घायल हो गई। इससे विद्यालय में हड़कंप मच गया। घायल छात्राओं को आनन फानन प्राइवेट चिकित्सक से इलाज करवा कर घर भेज दिया गया।
मालूम हो कि कुछ दिन पहले अमर उजाला ने ‘जर्जर विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे नौनिहाल’ शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद भी विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया।
सिरौली गौसपुर तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय खजुरिहा में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सुबह करीब दस साढ़े ग्यारह बजे कक्षा चार व पांच में करीब दो दर्जन बच्चें शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। तभी अचानक जर्जर विद्यालय की छत के एक हिस्से का मोटा प्लास्टर नीचे गिर गया।
उसकी चपेट में आने से कक्षा पांच की छात्रा राधा पांड़ेय (10) व कुमकुम (11) घायल हो गईं। प्लास्टर गिरने से स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। आनन फानन प्रधानाचार्य ने दोनों घायल छात्राओं को एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाकर घर भेज दिया। सूचना पाते ही ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंच कर जानकारी ली।
इस विद्यालय में कुुल 117 बच्चें पंजीकृत हैं। उनमें शुक्रवार को 58 बच्चे उपस्थित थे। हादसे के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। घायल छात्राओं का हालचाल जानना भी जरूरी नहीं समझा। विभाग के इस रवैये से छात्राओं के परिवारीजनों व ग्रामीणों काफी गुस्सा है।