बाराबंकी। लंबे इंतजार के बाद सरकार ने रामसनेहीघाट को नगर पंचायत का दर्जा देकर विकास का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। अब गांव से नगर पंचायत बने पूरे क्षेत्र की तस्वीर संवर जाएगी। सड़क, जलनिकासी, साफ-सफाई, आवास, पेयजल, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित गांवों की दशा सुधर सकेगी। नगर पंचायत बनने की घोषणा के साथ ही यहां के वाशिंदों के सपनों को भी पंख लग गए हैं।
नवसृजित नगर पंचायत रामसनेहीघाट का कई वर्षों बाद शहरी होने का सपना साकार हुआ है। यहां के बनीकोडर, चंदौली, मालिनपुर, धरौली आदि गांवों को जोड़कर बनाई गई नगर पंचायत में विकास की इबारत लिखने का इंतजार वर्षों से है।
नगर में शामिल हुए इन गांवों में कच्चे रास्ते, जलभराव, टूटी नालियां, उखड़े खड़ंजा, कच्चे आवास, खराब हैंडपंप के दूषित पानी से बुझती प्यास से निजात मिलने की उम्मीद जग गई है। नगर पंचायत का लाभ इन गांवों की जनता को मिलेगा। पीएम आवास योजना शहरी, इंटरलॉकिंग, नाले-नालियां, हाईमास्ट आदि विकास कार्य होने की उम्मीद अब पूरी होगी।
पांच ग्राम पंचायतेें हुईं शामिल
नगर पंचायत रामसनेहीघाट में धरौली ग्राम पंचायत व उसके मजरे धरौली, सुमेरगंज, दलसिंहपुर, बैसन पुरवा, ढेकुलिहा, जेठबनी ग्राम पंचायत के दयारामपुरवा, चंदौली ग्राम पंचायत के चंदौली, महाराजगंज, बेल्हा का पुरवा तथा लोनियन पुरवा, बनीकोडर ग्राम पंचायत के बनीकोडर, आबकारी, ठठरहा, सवाई तथा पूरे औसान, बनी, भिटरिया व आधार पुरवा के साथ ही मालिनपुर ग्राम पंचायत के मालिनपुर, ताला, अलागनी, इटहुआ तथा बाबा का पुरवा को शामिल किया गया है।
नगर पंचायत में 13,195 होंगे मतदाता
पांच ग्राम पंचायतों को मिलाकर बनने वाली रामसनेहीघाट नगर पंचायत की कुल आबादी 21,824 है। जेठबनी ग्राम पंचायत के 798, चंदौली के 1408, मालिनपुर के 2032, बनीकोडर के 3935 एवं धरौली ग्राम पंचायत के 5022 मतदाता इसमें शामिल किये गए हैं।
नगर पंचायत से होकर गुजरेगा राजमार्ग
नगर पंचायत क्षेत्र में लखनऊ-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही भिटरिया-हैदरगढ़ राजमार्ग भी शामिल किया गया है। नगर पंचायत बनने के बाद साफ-सुथरी सड़कें, जलापूर्ति व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, नालियों की सफाई के लिए कर्मचारी, 24 घंटे बिजली की सुविधा क्षेत्र के नागरिकों को मिलने लगेंगी।
शहर की नगर पालिका में शामिल हुए दस राजस्व गांव
बाराबंकी। नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार में सात ग्राम पंचायतों के छूटे 10 राजस्व गांवों को शामिल कर लिया गया है। विस्तारित सीमा में सात ग्राम पंचायतों के राजस्व गांव मंझलेपुर, पैसार, फैजुल्लागंज अरबन, बाराबंकी देहात, दरामनगर, जिन्हौली, दारापुर, बड़ेल का छूटा भाग, बनवा, कोठीडीह छूट गए थे। विस्तारित सीमा से छूटने से वहां के नागरिकों को न तो ग्राम पंचायत की सुविधा मिल रही थी और न ही नगर पालिका की सुविधा मिल रही थी। नगर पालिका की चेयरमैन शशि श्रीवास्तव ने बताया कि इन गांवों के नगर पालिका में शामिल होने के बाद अब पालिका की आबादी करीब चार लाख हो जाएगी। मतदाता करीब एक लाख 80 हजार हो जाएंगे। आबादी बढ़ने से राजस्व वित्त की धनराशि भी दो करोड़ 72 लाख से बढ़कर साढ़े तीन करोड़ सालाना हो जाएगी। इन गांवों के शामिल होने से बाराबंकी विकास प्राधिकरण व अमृत योजना का लाभ मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।