बाराबंकी। जंगल से अस्थियों की बरामदगी व बहनोई समेत दो को गिरफ्तार कर एक वर्ष पुराने धीरू हत्याकांड के खुलासे का पुलिस ने दावा किया है। अस्थियों की डीएनए जांच कराई जाएगी। वहीं पकड़े गए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
हत्याकांड का खुलासा करते हुए बुधवार को एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि एक वर्ष पहले हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के कनवा गांव निवासी डाकू ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उसके बेटे धीरू (24) को लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के पटवाखेरा में रहने वाले दामाद अनूप ने 29 नवंबर 2020 को फोन कर बुलाया था जिस पर धीरू गया था।
मगर, वापस नहीं लौटा तो तलाश की, पता नहीं चला। उसने तहरीर में दामाद पर बेटे का अपहरण कर बंधक बनाने व हत्या करने का आरोप लगाया था। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बहनोई अनूप को नामजद कर धरपकड़ शुरू की। मगर, नतीजा सिफर रहा।
इसकी शिकायत मिलने पर नए सिरे से विवेचना कराई गई। हैदरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक की टीम ने बहनोई अनूप व उसके दोस्त विमलेश वर्मा को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की तो हत्या की गुत्थी सुलझ गई। आरोपी बहनोई ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि घर में पत्नी से कहासुनी व विवाद होने पर उसके ससुर व साले घर पर आकर उससे गालीगलौज करते थे।
इससे गांव में काफी बेइज्जती होती थी। इसी बात से क्षुब्ध होकर उसने साले धीरू को विमलेश से काम के बहाने बुलवाया फिर बाइक पर बैठाकर नगराम थाना क्षेत्र के टिकरा जंगल में ले जाकर दारू पिलाया। उसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी। उसके बाद शव को वहीं छुपा दिया था।
अनूप की निशानदेही पर पुलिस टीम ने जेसीबी से उस स्थल पर खोदाई कराई तो धीरू का स्वेटर व अस्थियां मिलीं। अस्थियों का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। वहीं मृतक का आधार कार्ड, मोबाइल फोन व बाइक भी बरामद की। इसके बाद दर्ज मुकदमे में अपहरण व हत्या करने की धाराएं बढ़ा दी गई हैं। आरोपियों को जेल भेज दिया गया। वहीं हैदरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार वर्मा की टीम को इस खुलासे के लिउए 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा।