बांदा। कताई मिल मजदूर मोर्चा ने बुधवार को स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट पर प्रदर्शन के बाद प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को 10 सूत्री ज्ञापन भेजा। यह आयोजन केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों के विरोध में देश की 10 राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन/महासंघ के आह्वान पर पूरे देश में किया गया था।
एक्ट-2 से संबद्ध निर्माण मजदूर यूनियन और कताई मिल मजदूर मोर्चा ने संयुक्त रूप से लाल झंडों के बीच कलक्ट्रेट के नजदीक अशोक लाट पर प्रदर्शन किया। भाजपा सरकारों को मजदूर और किसान विरोधी बताया।
10 सूत्री मांग पत्र में सभी मजदूरों को लॉकडाउन से अगले 6 महीने तक 10 हजार रुपये प्रति माह और मुफ्त राशन, वेतन कटौती और छंटनी पर रोक, श्रम कानूनों के निलंबन की वापसी, 12 घंटे के कार्यदिवस का विरोध, निजीकरण का विरोध, मनरेगा में सालाना 200 दिन मजदूरी और 500 रुपये दैनिक मजदूरी, सभी तरह के कर्जों की माफी, बंद पड़ी बांदा की कताई मिल चालू करने, बांदा डीएलसी कार्यालय की जांच, मशीनीकरण पर रोक आदि की मांगें शामिल की गईं।
प्रदर्शन और ज्ञापन की अगुवाई कताई मिल मजदूर मोर्चा अध्यक्ष राम प्रवेश यादव और निर्माण मजदूर यूनियन अध्यक्ष राजबहादुर वर्मा ने की। राममिलन, गोमती, रानी, कुसुमा, पप्पू, जुगुलकिशोर, चुन्नूलाल, भगवानदीन, सुशील कुमार, भूरा प्रसाद इत्यादि मजदूर शामिल रहे।