बांदा। परिजनों के साथ धान की रोपाई कर रही वृद्ध महिला की गोली मारकर हत्या और तीन अन्य को लाठी और कुल्हाड़ी से हमलाकर लहूलुहान कर देने के जुर्म में चार सगे भाइयों समेत 6 अभियुक्तों को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी किया है।
घटना 8 साल पहले की है। 17 अगस्त 2012 को दिन में करीब 3 बजे गिरवां थाना क्षेत्र के प्रेमपुर गांव में धर्मेंद्र उर्फ लक्कू राजपूत अपने धान के खेत में रोपाई कर रहा था। साथ में मां मधिया और भाई उमेश व महेश तथा महेश की पत्नी भी थे। इसी बीच गांव के ही रामपाल, लाला उर्फ लालाराम, शिशुपाल, श्रीराम व भोला पुत्रगण दुर्जन राजपूत और वीरेंद्र पुत्र श्रीराम आ गए।
सभी बंदूक, तमंचा, कुल्हाड़ी आदि से लैस थे। इन सभी ने खेत का पानी काटने का इल्जाम लगाते हुए मारपीट शुरू कर दी। भोला व श्रीराम ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली उसकी मां मधिया के सीने में लगी और उसकी वहीं मौत हो गई। मारपीट में अन्य परिजन घायल हो गए।
धर्मेंद्र की उपरोक्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 147, 148, 302, 323, 149, 324, 504, 506 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल किए गए असलहे बरामद कर लिए थे। तफ्तीश के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी।
अभिोजन की ओर अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने 9 गवाह पेश किए। मंगलवार को इस मुकदमें की सुनवाई कर रहे प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कृष्ण यादव ने इसका फैसला सुरक्षित कर लिया था। बुधवार को न्यायाधीश ने खुली अदालत में फैसला सुनाया।
सभी आरोपियों को हत्या के जुर्म में उम्रकैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। जुर्माना न देने पर 2-2 माह की कैद और होगी। अभियुक्त श्रीराम व भोला को आम्र्स एक्ट में 2-2 वर्ष कैद और 1-1 हजार रुपये जुर्माना किया। यह जुर्माना अदा न करने पर 10-10 दिन की कैद की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में भी जेल और जुर्माना किया।
बांदा। दूसरी जगह शादी तय हो जाने पर किशोर उम्र प्रेमिका की गोली मारकर हत्या कर देने के जुर्म में कथित प्रेमी अब पूरी उम्र जेल में बिताएगा। अदालत ने उसे हत्या और एससीएसटी एक्ट दोनों में ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
सुमेरपुर (हमीरपुर) के चांदथोक निवासी अमर पुत्र मोतीलाल बसोर ने घटना के ही दिन 3 अक्तूबर 2014 को बांदा जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बहन नीलम को सुमेरपुर रेलवे स्टेशन में ट्रेन में बैठाने के बाद मां रामदेवी और छोटे भाई प्रमोद व छोटी बहन कुमारी शीलम के साथ रेलवे लाइन के किनारे के रास्ते से लौट रहा था।
इसी बीच सुबह करीब साढ़े 8 बजे सुखदेव खंगार पुत्र लल्लू उर्फ चौकीदार (पत्योरा, हमीरपुर) ने 315 बोर तमंचे से गोली मारकर कुमारी शीलम की हत्या कर दी। घटना के समय वह करीब 14 वर्ष की थी। जीआरपी ने धारा 302 व 3(2)5 एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। करीब 9 माह बाद आरोपी को तमंचा समेत गिरफ्तार कर जेल भेजा।
भाई ने बताया कि सुखदेव उसके घर अक्सर आता था और शीलम से बात करता था। इसी बीच शीलम की शादी दूसरी जगह तय कर दी गई। सुखदेव को घर आने से रोक दिया गया। इसी खुन्नस में उसने शीलम की हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता विमल सिंह ने 12 गवाह पेश किए।
बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) रामकरन ने फैसला सुनाते हुए आरोपी सुखदेव खंगार को हत्या और एससीएसटी एक्ट में दोनों ही धाराओं में उम्रकैद की दोहरी सजा सुनाई। क्रमश: 5000 व 4000 जुर्माना किया। आरोपी जेल में है।