बांदा। 40 वर्ष की उम्र पार करने के बाद महिला को साल में एक बार सर्वाइकल कैंसर का पता करने के लिए जांच करवानी चाहिए। दूसरी और तीसरी स्टेज पर पहुंचने के बाद यह शरीर के कई अंगों में फैल जाता है और इलाज संभव नहीं हो पाता।
यह बात वूमेन डाक्टर्स विंग के तत्वावधान में हार्पर क्लब में आयोजित सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस कार्यक्रम में कही गई। सर्वाइकल कैंसर के लक्षण और निदान तथा एचपीवी वैक्सीन के बारे में बताया गया। वूमेन डाक्टर्स विंग और मिशन पिंक हेल्थ की चेयर पर्सन डा.शबाना रफीक ने बताया कि यह केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई एक संस्था है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की शाखा है।
इसके द्वारा हर जिले में महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के साथ ही उनमें खून की कमी (एनीमिया) के आंकड़ें संकलित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही हार्पर महिला क्लब ओल्ड के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाई जाएंगी।
संस्था सचिव डा.मोनिका सक्सेना ने आडियो विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए सर्वाइकल कैंसर की विस्तार से जानकारी दी। कहा कि इस पर काबू पाने के लिए शीघ्र डायग्नोसिस जरूरी है। 40 साल उम्र के ऊपर वाली महिलाओं को साल में एक बार जांच करानी चाहिए ताकि सर्वाइकल कैंसर का शुरू में ही पता लग जाए और 80-90 प्रतिशत उसका इलाज हो सके। वरना दूसरे और तीसरे स्टेज के बाद इलाज नहीं हो पाता। बाल रोग विशेषज्ञ डा.एसआर वर्मा ने एचपीवी वैक्सीन के बारे में बताया।
साथ ही कहा कि सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से होता है। इसका टीका उपलब्ध है। डा.वर्मा ने 9 से 12 साल की किशोरियों को माहवारी शुरू होने से पहले टीकाकरण के दो डोज जरूर लेने की सलाह दी। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष त्र्शा सिंह, सचिव संतोष गुप्ता ने सभी डाक्टर्स का स्वागत किया और आभार जताया।
संचालन एसीडी स्टूडियो निर्देशक निशा गुप्ता ने किया। डा.कंचन सिंह, डा.मालती व्यास, सुधा गुप्ता, सुधा सिंह, नूतन गुप्ता, गीता सेठ, उमा गर्ग, नीतू गुप्ता, सुनीता पटेल, अर्पिता गुप्ता, नूपुर चौहान आदि उपस्थित रहीं। दवा कंपनी के मुमताज अहमद का भी आभार जताया गया।