बांदा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो महिलाओं ने फांसी लगाकर जान दे दी। मायके पक्ष ने ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कैलाशपुरी में दीप्ती (24) पत्नी मनोज सेन ने रविवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। पति का कहना है कि वह बीमार रहती थी। इसी वजह से आत्महत्या की। उधर, फतेहगंज थाना क्षेत्र के खेरिया गांव निवासी दीप्ति के भाई दीपक ने ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। कहा कि पति व ननद अक्सर दहेज के लिए बहन के साथ मारपीट करते थे। घटना के दो दिन पहले दोनों ने मारापीटा और मैहर (सतना) चले गए। घर में खाने, पीने को कुछ भी सामान नहीं था। दीप्ति ने फोन पर इसकी जानकारी दी थी। रविवार को पति ने दीप्ति को बेल्ट से पीटा और मारकर फांसी पर लटका दिया। कोतवाली प्रभारी आरके सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी घटना में अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के आऊ गांव के शिवबाबा पुरवा में रविवार की शाम निर्मला उर्फ शोभा (20) पत्नी अरविंद ने घर में छप्पर में साड़ी बांधकर फांसी लगा ली। पति बच्चों को लेकर बाहर घूमने गया था। लौटकर आया तो बंद दरवाजा तोड़कर दाखिल हुआ। फंदे पर लटका शव देखा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ओरन गांव निवासी मृतक के भाई रमेश ने बताया कि शोभा की शादी नौ जुलाई को हुई थी। आरोप लगाया कि ससुराल में उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। हत्या कर शव फांसी में लटका दिया। पति का कहना कि वह परदेश में मजदूरी करता है। इधर, एक वर्ष से वह परदेश नहीं गया। गांव में ही रहकर खेती किसानी करता है। मृतका के दो बच्चे हैं। पति फांसी की वजह नहीं बता सक्रा।