बांदा। चित्रकूटधाम मंडल की सीमा से जुड़े मध्य प्रदेश की हीरा खदान नगरी पन्ना से उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने मुंह मोड़ लिया है। लॉकडाउन में बंद की गईं बसों को अब तक पूर्व की तरह बहाल नहीं किया गया है। पांच के स्थान पर सिर्फ दो ही बसें चालू की गई हैं।
अन्य रूटों पर भी कई दशकों से चलने वाली बसों को ठप कर दिया गया है। इसका सीधा लाभ निजी बस संचालक उठा रहे हैं। डग्गामार बसों में 20 रुपये अधिक किराया वसूला जा रहा है। परिवहन निगम के अधिकारियों की दलील है कि पर्याप्त यात्री न मिलने से आमदनी नहीं हो पा रही। इसलिए बसें बंद की गईं, जबकि हकीकत ये है कि निजी बसें अधिक किराया वसूलने के बावजूद ठसाठस चल रही हैं।
पन्ना का बांदा सहित सीमावर्ती अन्य जनपदों से काफी जुड़ाव है। यहां से रोजाना औसत चार सौ यात्रियों का आना-जाना होता है। हीरा खदान होने से पन्ना में दूरदराज के लोग भी बांदा होकर पहुंचते हैं। लॉकडाउन से पूर्व बांदा से पन्ना के लिए पांच बसें थीं। ये सभी वर्ष 2008 से चल रही थीं।
कोरोना काल के दौरान इन्हें बंद कर दिया गया था। अब सिर्फ दो बसें शुरू की गईं, जबकि परिवहन निगम की ओर से टैक्स पांचों बसों का जमा किया जा रहा है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, बांदा डिपो परमानंद ने कहा कि पन्ना रूट पर पांच बसें चलाई गई थीं, लेकिन आमदनी न होने से तीन बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। उन्हें दूसरे मार्गों में चलाया जा रहा है।
इन रूटों पर भी बसें बंद
इसी तरह 30 वर्ष पुरानी बस सेवा अजयगढ़-इलाहाबाद, करतल-कानपुर, कर्वी-करतल, फतेहपुर-औगासी, करतल-दिल्ली रूट की कई बसें भी बंद कर दी गई हैं। बांदा-कालिंजर मार्ग पर 10 बसें चलती थीं। ये भी बंद हैं। इन सभी रूटों पर निजी संचालकों को खूब सवारियां मिल रही हैं। बताते हैं कि रोडवेज के इस खेल से प्राइवेट बस संचालकों की ‘चांदी’ हो गई है।
अब रोडवेज के समय पर निजी बसें
रोडवेज बसों के समय पर इन रूटों पर निजी बसें चलाई जा रही हैं। महत्वपूर्ण रूट और दो राज्यों को जोड़ने वाली बसों का संचालन बंद होने से यूपी-एमपी के हजारों यात्रियों को रोजाना डग्गामार वाहनों में जोखिम भरी यात्रा करनी पड़ रही है। साथ ही परिवहन निगम को रोजाना लगभग एक लाख रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद आम नागरिकों से जुड़ी इस समस्या के प्रति न तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं, न परिवहन निगम अधिकारी सुध ले रहे हैं।
भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
बांदा। भाजपा जिला मंत्री डा.देवेंद्र सिंह भदौरिया और करतल ग्राम प्रधान कामता आदि ने सामूहिक हस्ताक्षरों से मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि निजी मोटर मालिकों और रोडवेज अधिकारियों की मिलीभगत से पन्ना सहित एमपी को जोडने वाले कई रूटों की बसों को बंद कर दिया गया है।
इसका सीधा लाभ निजी बसों और डग्गामार वाहनों को मिल रहा है। वह यात्रियों से अधिक किराया वसूल रहे हैं। मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूर्व की तरह सभी बसें बहाल की जाएं और डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगे। शिकायतकर्ताओं में सुरेशचंद्र शुक्ला, जगमोहन तिवारी, धीरज सिंह, दिनेश कुमार, बजरंग सिंह, सीताराम त्रिपाठी आदि शामिल रहे।