बांदा। ड्यूटी से नदारद रहने और सरकारी कामों में लापरवाही के आरोप में तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व दो सहायिकाओं की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। एक आंगनबाड़ी सहायिका के शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए।
प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुधीर सिंह ने बताया कि बाल विकास परियोजना, बड़ोखर खुर्द की तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व एक सहायिका लंबे समय से अपनी ड्यूटी नहीं कर रही है। बिना सूचना के केंद्र से अनुपस्थित हैं।
इनमें चित्रा सिंह (मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, झिंगा खोड़), आराधना देवी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मरौली) और ममता देवी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चमरहा) व कुसुमा देवी (आंगनबाड़ी सहायिका, इंदिरा पुरवा, दुरेड़ी) शामिल हैं।
इनके अलावा बिसंडा ब्लॉक की आंगनबाड़ी सहायिका सोना देवी (आंगनबाड़ी केंद्र, सिंहपुर) के शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए हैं। इनकी भी मानदेय सेवा समाप्त कर दी गई है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद यह कार्रवाई हुई है।