अतर्रा (बांदा)। छत्तीसगढ़ जा रहे शिक्षक की कार के ऊपर सरिया लदा ट्रक पलट गया। इस हादसे में शिक्षक, उनकी पत्नी और बेटे की मौत हो गई, जबकि बेटी घायल है। हादसा मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के पथरहटा टोल प्लाजा के पास हुआ।
अतर्रा कोतवाली के शास्त्री नगर निवासी रामप्रताप द्विवेदी के बेटे कुलदीप द्विवेदी (38) छत्तीसगढ़ के सूरजपुर स्थित नवोदय विद्यालय में खेल शिक्षक थे। गर्मी की छुट्टी में कुलदीप परिवार समेत घर आए थे। शनिवार को वह पत्नी रुचि (35), पुत्र गोपाल (10) और पुत्री गौरी (4) के साथ कार से वापस छत्तीसगढ़ जा रहे थे।
दोपहर करीब एक बजे सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के पथरहटा टोल प्लाजा के पास ओवरटेक करने के दौरान सरिया से लदे ट्रक का पहिया निकल गया। इससे बेकाबू ट्रक कार के ऊपर पलट गया। इस हादसे में कुलदीप, पत्नी रुचि और पुत्र गोपाल की मौके पर ही मौत हो गई। झटका लगने से बेटी गौरी कार की सीट के नीचे गिर जाने से बच गई। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला।
हादसा होता देख आसपास के लोग आ गए। लगभग तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद क्रेन बुलाकर कार पर पलटे ट्रक को हटाया गया। कार क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा सका। ग्रामीणों की मदद से गौरी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे से चार साल की बच्ची डरी-सहमी है।
साइड स्टोरी
राहगीर ने बच्ची को निकालकर बचाई जान
अतर्रा। सड़क किनारे की मिट्टी गीली होने से ट्रक एकदम पूरा नहीं पलटा। कार का पिछला हिस्सा लोगों को दिख रहा था। रास्ते से गुजर रहे एक वाहन चालक ने अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए नजदीक जाकर देखा तो पिछले गेट के फूटे कांच से बच्ची नजर आई। उसने ग्रामीणों के सहयोग से फौरन बाहर खींचकर उसकी जान बचाई।
शव पहुंचते ही मचा कोहराम
अतर्रा। कुलदीप के पिता रामप्रताप द्विवेदी कानूनगो के पद से कुछ साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। कुलदीप तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। शनिवार की शाम घटना की जानकारी सतना पुलिस ने अतर्रा कोतवाली में दी थी। पुलिस से सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल के लिए देर शाम रवाना हो गए थे।
रविवार को सतना पुलिस ने पति-पत्नी और बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को शव सौंप दिया है। एक साथ तीन शव आते ही अतर्रा स्थित घर पर कोहराम मच गया। मोहल्ले के लोगों सहित रिश्तेदारों का तांता लग जाने से पूरा माहौल गमनीम हो गया। मोहल्ले में लोगो के घरों में चूल्हे ठंडे पड़े रहे।