बांदा। डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दो और नए डेंगू मरीज सामने आए हैं। अब इन्हें मिलाकर डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या 27 हो गई है। उन्हें मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, जिला अस्पताल में शुक्रवार को ओपीडी में लगभग 1600 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें लगभग 40 फीसदी पुराने मरीज थे।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जनपद में अभी तक केल 27 डेंगू संभावित मरीज सामने आए हैं। एनएस-वन किट जांच में इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। गुरुवार को मिले दो नए पॉजिटिव रोगी बबेरू और अतर्रा क्षेत्र के हैं। उन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। अब तक लगभग 14 डेंगू मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। सीएमओ डा.वीके तिवारी ने बताया कि फिलहाल जनपद में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई। आठ सदस्यीय जिला मलेरिया टीम ने शुक्रवार को शहर के आवास विकास में 103 घरों की जांच की। 500 पात्र (बर्तन) देखे। दो घर और छह पात्रों में पॉजिटिव लार्वा पाया गया। टीम ने उन्हें सफाई के निर्देश दिए और पानी भरे बर्तनों को खाली कराया। लार्वा निरोधक दवा का भी छिड़काव किया। वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, नियंत्रण और बचाव के बारे में जागरुक किया।
उधर, जिला अस्पताल में ओपीडी में लगभग 1600 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें लगभग एक हजार नए मरीज हैं। शेष पुराने शामिल हैं। नए मरीजों में लगभग ढाई सैकड़ा बुखार और जुकाम के मरीज पाए गए। 43 लोगों की खून जांच और 17 की डेंगू टेस्ट कराया गया। फिलहाल कोई पॉजिटिव नहीं मिला। चिकित्सकों ने जरूरी दवाएं देकर घर भेज दिया।
अवार्ड में चित्रकूट व महोबा जिले भी बनाने लगे स्थान
बांदा। स्वास्थ्य एवं पोषण संचार के लिए जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को हुई कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। अपर निदेशक (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) डॉ. आरबी गौतम ने कहा कि कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी ने जान-जोखिम में डालकर लोगों का उपचार किया। बताया कि कायाकल्प अवार्ड योजना में चित्रकूट और महोबा जैसे पिछड़े जनपदों का भी स्थान आने लगा है। सीएमओ डॉ.वीके तिवारी ने कहा कि पहले मातृ-शिशु मृत्यु दर अधिक हुआ करती थी। अब इसमें बदलाव आया है।
उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के प्रयासों की सराहना की। डिप्टी सीएमओ डॉ.एमसी पाल ने कहा कि स्वास्थ्य कोई खिलवाड़ का विषय नहीं है, यह सीधे तौर पर लोगों के जीवन से जुड़ा है। टीकाकरण के बारे में भी जानकारी दी। महिलाओं और किशोरियों को एनीमिया से बचाव से प्रति जागरूक करने को कहा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नोडल अधिकारी डॉ.मनोज कौशिक ने बताया कि जनपद में इस योजना के तहत कुल 1,38,516 परिवारों में 692580 लाभार्थी हैं। अब तक 1,62,533 लोगों के आयुष्मान कार्ड जारी हो चुके हैं।
मच्छरों की रोकथाम और निरोधात्मक कार्यवाही के लिए 1449 टीमें लगाई गई हैं। यूनीसेफ के डिवीजनल रिसोर्स पर्सन अंशुमान ने कुपोषण के मुद्दे पर जानकारी दी। कुष्ठ रोग कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ.एनके सिन्हा ने भी संबोधित किया। संचालन सीफार झांसी-चित्रकूट मण्डल समन्वयक सोनम राठौर ने किया। संयुक्त निदेशक डॉ.डीके गर्ग, डीक्यूएसी डॉ.तरन्नुम सिद्दीकी, डीएमओ पूजा अहिरवार, सीडीपीओ बड़ोखर रामप्रबल आदि उपस्थित रहे।