बांदा। वृद्ध दंपती की चिता की आग ठंडी भी नहीं पड़ी कि पुश्तैनी मकान को लेकर पुत्रों के बीच विवाद शुरू हो गया। बताया जाता है कि पुश्तैनी मकान में दंपती के बड़े बेटे ने ताला जड़ दिया। बुजुर्गों की पंचायत के बाद घर का ताला खुला और तेरहवीं के बाद पुश्तैनी मकान और सामान के बंटवारे का निर्णय लिया गया है। उधर, हत्यारोपी पुत्र अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के करहिया गांव में शुक्रवार को सुबह पूर्व सीडीपीओ मइयादीन वर्मा (80) और उनकी पत्नी पूर्व प्रधान रामकली (72) का शव अलग-अलग चारपाई पर मिला था। पुलिस के मुताबिक जांच में छोटे बेटे जितेंद्र सिंह द्वारा गला घोंटकर हत्या किया जाना पाया गया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने दोनों शवों का एक ही चिता में अंतिम संस्कार कर दिया।
चिता की आग ठंडी भी नहीं पड़ी कि परिजनों में पुश्तैनी मकान को लेकर विवाद शुरू हो गया। हत्यारोपी भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले योगेंद्र सिंह ने बताया कि सबसे बड़े भाई सेवानिवृत्त अमीन महेंद्र ने घर पर ताला लगा दिया था, ताकि घर का कोई सामान न ले सके। इसे लेकर कहासुनी भी हुई।
रविवार की सुबह परिवार और गांव के लोगों को बुलाकर पंचायत हुई। इसमें तय हुआ कि तेरहवीं के बाद पुश्तैनी मकान और सामान पांचों भाइयों में बांटा जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया है कि माता-पिता के सामान से ही तेरहवीं संस्कार किया जाएगा। फिलहाल पंचायत के बाद पुश्तैनी घर के बंटवारे को लेकर विवाद सुलझ गया है।
उधर, दोहरे हत्याकांड के तीन दिन बीत गए और आरोपी पुत्र पुलिस के हाथ नहीं लग सका। कोतवाली देहात इंसपेक्टर राजीव कुमार यादव ने बताया कि हत्यारोपी की तलाश की जा रही है। दो दिन विसर्जन मेला की वजह से तेज कार्रवाई नहीं हो सकी। अब जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उधर, चर्चा है कि घटनास्थल के नजदीक रखे मिट्टी के घड़े में खून से सना अंगौछा (साफी) मिला है। पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया है। यह अंगौछा जितेंद्र का बताया गया है।
रिटायर्ड सीडीपीओ के चौथे नंबर के पुत्र योगेंद्र सिंह समेत अन्य परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से घर में रखे 32 हजार रुपये और मां रामकली के गहने गायब हैं। आशंका जताई गई कि हत्या करने के बाद आरोपी भाई ही रुपये और मां का मंगलसूत्र, झुमकी और पायल ले गया है। हालांकि इसकी पुष्टि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगी। योगेंद्र ने यह भी बताया कि पांच साल पूर्व भी भाई जितेंद्र ने मां के गहने चुराकर बेच दिए थे। मामला परिवार से जुड़ा होने पर पुलिस तक बात नहीं पहुंची थी।