पाकिस्तान की लाहौर जेल में कैद रहे पुत्र की 12 साल बाद रिहा होने की सूचना मिलने पर माता-पिता की आंखें छलक पड़ीं। 25 साल की उम्र में रामबहादुर घर से लापता हो गया था। अब पुत्र को गले लगाने के लिए उसके माता-पिता उसकी राह ताक रहे हैं।
मंगलवार को राजस्व कर्मियों ने घर पहुंचकर युवक का सत्यापन किया और पंजाब प्रशासन को पाक जेल से छूटे राम बहादुर का पूरा ब्योरा भेजा। वीडियो कॉलिंग के जरिए माता-पिता से रामबहादुर की शिनाख्त और बात भी कराई गई।
हालांकि, लंबे अरसे से लापता रामबहादुर को परिजनों ने मरा मान लिया था। अतर्रा तहसील/थाना क्षेत्र के पचोखर गांव निवासी रामबहादुर पाकिस्तान की लाहौर जेल में लगभग 12 साल से कैद था। इसी वर्ष जनवरी में पाकिस्तान से पत्र आने पर परिजनों को पड़ोसी देश में कैद की जानकारी हुई थी।
सोमवार को पाकिस्तान ने उसे रिहा कर दिया। अटारी के रास्ते वह अपने वतन पहुंचा। हालांकि, अभी उसे अमृतसर (पंजाब) स्थित अस्पताल में भर्ती रखा गया है। दो दिन वहीं रहेगा। शासन के निर्देश पर बांदा प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने रामबहादुर का सत्यापन कर रिपोर्ट पंजाब प्रशासन को भेज दी है।