बांदा। बालक के साथ कुकर्म के प्रयास में अदालत ने 10 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह और जेल में काटनी होगी। करीब सात साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 10 मार्च 2015 को सुबह करीब 10 बजे अतर्रा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-दो पर बालक घूम रहा था। तभी उसे बिसंडा थाना क्षेत्र के बिलगवां गांव का पवन तिवारी (30) मिल गया। वह बालक को बहला-फुसलाकर रेलवे स्टेशन के शौचालय में ले गया और कपड़े उतारकर कुकर्म की कोशिश करने लगा, तभी बालक के परिजन पहुंच गए। आरोपी को रंगेहाथ पकड़कर जीआरपी पुलिस थाने के हवाले कर रिपोर्ट दर्ज कराई।
जेल से कुछ दिन बाद वह जमानत पर बाहर आ गया। उधर, पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक रामसुफल सिंह गौर ने पैरवी की और 10 गवाह पेश किए।
सोमवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अनु सक्सेना ने पवन तिवारी को दोषी करार देते हुए 10 साल की साधारण कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना सुनाया। जेल में बिताई गई अवधि सजा में शामिल की जाएगी।