बांदा। पुरानी पेंशन बहाली के लिए एकजुट राज्य कर्मी और शिक्षकों ने गुरुवार को यहां जोरदार संयुक्त प्रदर्शन किया। डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि अगले चरण में 30 नवंबर को लखनऊ में प्रदर्शन होगा।
कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी एवं पेंशनर्स अधिकार मंच की बांदा यूनिट के बैनर तले सैकड़ों राज्यकर्मी और महिला-पुरुष शिक्षकों ने जीआईसी ग्राउंड से कूच किया। विभिन्न नारों के बीच यह डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। यहां प्रदर्शन सभा धरने में बदल गया।
मंच जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली सहित समान पद-समान वेतन, कैशलेस चिकित्सा आदि मांगे अरसे से की जा रही हैं। लगभग एक सैकड़ा कर्मचारी/शिक्षक संगठन इस मुद्दे पर आंदोलनरत हैं। फिर भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। आज के प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के बाद भी मांगे पूरी नहीं हुई तो 30 नवंबर को राज्य स्तरीय रैली लखनऊ में होगी।
मंच नेताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। प्रदर्शन में प्राथमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ, शिक्षमित्र संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से संबद्ध संगठन, मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ, आईटीआई, ग्राम पंचायत कर्मचारी सहित कई संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य शामिल रहे।
माध्यमिक शिक्षक संघ मंडल अध्यक्ष मेजर मिथलेश कुमार पांडेय सहित जीवनराम नायक, राज्य कर्मचारी परिषद अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी, रामकृष्ण त्रिपाठी, राजेश तिवारी, देशराज सिंह, पुरुषोत्तम गुप्ता, प्रजीत सिंह, जयकिशोर दीक्षित, राधेश्याम, विनय प्रताप, नारायणदास गुप्ता, छोटेबाबू, केपी सिंह, सुधीर श्रीमाली, अंजना अवस्थी, सुनीता प्रजापति, रजनी जैन, पूनम यादव, तबस्सुम, अकील सिद्दीकी, अर्चना, डा. नंदिता चौहान, साधना निगम, वंदना आदि शामिल रहे। धरना स्थल पर सिटी मजिस्ट्रेट केशव नाथ गुप्ता ने ज्ञापन लिया।
Teacher-employee took to the road for old pension- फोटो : BANDA