बांदा। पत्नी के इलाज की चिंता और आर्थिक तंगी से परेशान चाय दुकानदार ने फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक दुकानदार की पत्नी की तबीयत भी काफी समय से खराब है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गायत्री नगर निवासी रामलखन कुशवाहा (42) अपने घर में ही चाय की दुकान किए थे। शुक्रवार की रात उन्होंने केबल से पंखे के हुक में फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह पत्नी व बच्चे सोकर उठे तो उसे बिस्तर में नहीं पाया। दूसरे कमरे में जाकर देखा तो वह फंदे से लटक रहे थे। छोटे भाई पप्पू सिंह ने बताया कि उनका एक मकान बिसंडा थाना क्षेत्र के कोनी का पुरवा में भी है। रामलखन अपनी पत्नी बच्चों के साथ कई साल से बांदा में मकान बनवाकर रह रहे थे।
उन्होंने बताया कि भाई की पत्नी को बच्चेदानी में समस्या थी, इसी से वह बीमार रहती हैं। उसका इलाज जिला महिला अस्पताल में चल रहा था। रामलखन खुद भी ब्लड प्रेशर व शुगर के मरीज थे। पत्नी के इलाज की चिंता में उसने फंदा लगाकर जान दी है।
रामलखन कुशवाहा के दो पुत्रियां व एक पुत्र है। वह भूमिहीन हैं। शहर कोतवाल अनूप दुबे ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तहरीर नहीं दी है। इसलिए शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है।