student got free tablet turned out to be substandard
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बांदा। मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट/स्मार्ट फोन देने के मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुरुआत से ही खेल नजर आने लगे हैं। पहले चरण में बांटे गए टैबलेट ही खराब निकल रहे हैं। योजना के नोडल व विभाग के मुखिया जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि शासन ने जो दिया, वह हमने बांट दिया।
मुफ्त टैबलेट/स्मार्ट फोन योजना की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष 19 अगस्त को की थी। योजना पर अमल भी शुरू हो गया है। एक करोड़ युवाओं को इस योजना में शामिल किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर से इसकी शुरुआत हुई है। इस योजना की लाभार्थी महर्षि विद्या मंदिर, बबेरू (बांदा) की छात्रा प्रिया ने वर्ष 2020 में हाईस्कूल परीक्षा में टॉप-10 में स्थान पाया था।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट में डीएम की ड्योढ़ी पर अर्जी लेकर आई प्रिया ने बताया कि 27 दिसंबर को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित समारोह में सदर विधायक और डीआईओएस आदि ने टैबलेट बांटे थे। प्रिया ने अर्जी में बताया कि उसे दिया गया टैबलेट चालू नहीं हुआ। मैकेनिक को दिखाने पर बताया गया कि उसका डिस्प्ले खराब है। यह बदला जाएगा।
मेधावी छात्रा ने बताया कि वह डीआईओएस के पास गई तो उन्होंने दो टूक कह दिया कि हम नहीं जानते। हमें शासन ने जो दिया, हमने बांट दिया। उधर, डीआईओएस विनोद कुमार सिंह ने बताया कि टैबलेट पर छात्र-छात्राओं के नाम की पर्ची शासन से ही चिपकाकर भेजी थी। जिसके नाम का जो था, उसे सौंप दिया गया। फिलहाल बदलने का कोई प्रावधान नहीं है।