खप्टिहा कलां/अतर्रा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कक्षा पांच की छात्रा और महिला ने फंदा लगाकर जान दे दी। महिला मानसिक रूप से कमजोर तो छात्रा कक्षा पांच में पढ़ती थी।
बिसंडा थाना क्षेत्र के पिपरी खेरवा गांव में बेसनिया (10) ने गुरुवार को घर में पंखे के हुक में दुपट्टा से फंदा लगाकर जान दे दी। वह गांव के परिषदीय स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी।
पिता महेशचंद्र ने बिसंडा थाना में दी तहरीर में बताया कि गुरुवार को वह फेरी पर चला गया था। उसकी पत्नी निमंत्रण में एक बेटी और बेटे को लेकर चित्रकूट गई थी। घर में बड़ी पुत्री बेसनिया अकेली थी। तभी उसने फांसी लगा ली। आत्महत्या का कारण नहीं पता चला। दोपहर को वह घर आया तो शव लटका देखा। थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पिता महेशचंद्र ने बताया कि छह माह पूर्व बड़ी बहन ललिता ने ससुराल में फांसी लगा ली थी। उसकी मौत के बाद से यह परेशान रहती थी।
इसी तरह पैलानी थाना क्षेत्र के कानाखेड़ा गांव में गुुरुवार की रात अंकित यादव की पत्नी ललिता (32) ने घर के बरामदे में लगे दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। अंकित ने थाने में दी सूचना में बताया कि ललिता मानसिक रूप से बीमार थी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ललिता का मायका मौदहा (हमीरपुर) के तिल सरस गांव में है। ललिता के मायके वालों ने ससुराली जनों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
पोस्टमार्टम के लिए रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। पैलानी थानाध्यक्ष नंदराम प्रजापति ने बताया कि मायके पक्ष के लोगों ने कोई शिकायत नहीं की। शादी वर्ष 2011 में हुई थी। उसके तीन पुत्रियां हैं।