बांदा। डीपीआरओ ने पंचायत भवनों के निर्माण की प्रगति धीमी होने पर सात ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही सचिवों का अक्तूबर का वेतन अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक दिया है।
ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण सरकार की प्राथमिकता में है। पिछले दिनों पंचायती राज विभाग निदेशक ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से पंचायत भवन निर्माण की समीक्षा की थी। इसमें वर्ष 2020-21 में आरजीएसए योजना से जिले में 69 पंचायत भवनों का निर्माण होना था, जिन्हें अगस्त में पूरा किए जाने की समय सीमा तय की थी। इसमें से 62 पंचायत भवन ही समयसीमा में बन पाए।
सात पंचायत भवन अधूरे पाए गए, जबकि पंचायत भवन निर्माण की धनराशि ग्राम पंचायतों को अवमुक्त की जा चुकी है। इस पर निदेशक ने कड़ी नाराजगी जाहिर कर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार ने पंचायत भवनों की प्रगति धीमी होने पर कमासिन ब्लॉक के ग्राम पंचायत अधिकारी (जामू) प्रभाकर, ग्राम पंचायत इटराबढ़ौनी सचिव योगेंद्र कुमार, ग्राम पंचायत अडौंरा सचिव जया, महुआ ब्लाक के ग्राम पंचायत सेमरिया मिर्दहा एवं हस्तम के सचिव लाल भइया, ब्लाक नरैनी के ग्राम पंचायत बनई सचिव धीरेंद्र प्रताप, ग्राम पंचायत बडै़छा सचिव सतीश, ग्राम पंचायत नेढुवा सचिव अशोक को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही सातों सचिवों का अग्रिम आदेशों तक के लिए अक्तूबर माह का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।