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बुंदेलखंड की कोख बंजर कर रहे आरओ प्लांट व सर्विस स्टेशन

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RO plant and service station making the womb of Bundelkhand barren - फोटो : BANDA
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 200 से अधिक छोटे-बड़े अवैध आरओ प्लांट और करीब 250 वाहन धुलाई सेंटर संचालित हैं। ये प्रतिदिन करीब 12 लाख लीटर पानी का दोहन कर रहे हैं। इससे करीब छह लाख लीटर पानी रोज बर्बाद हो रहा है।
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आरओ प्लांट से निकलने वाला 60 फीसदी पानी ही प्रयोग में आता है, जबकि 40 फीसदी नालियों में बह जाता है। वाहनों की धुलाई में रोजाना लाखों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है।
सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड के महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट और बांदा में कुटीर उद्योग का रूप ले चुके गोरखधंधे की वजह से भूगर्भ जल रसातल में जा रहा है। हालात ये हैं कि मंडल के 24 में से 13 ब्लाकों में पानी की समस्या विकराल हो गई है। अगर इसी तरह से जल का दोहन होता रहा तो आने वाले दिनों में इन जगहों पर बूंद-बूंद पानी के लिए लोगों को परेशान होना पड़ेगा।
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शुद्ध पानी की उम्मीद में पैसे खर्च करके लाखों लोग आरओ प्लांटों का पानी खरीद रहे हैं, लेकिन उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार आरओ प्लांटों का पानी कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां दे सकता है।
मंडल में प्रतिदिन करीब 16-17 लाख लोग 20 लीटर के जार में बिकने वाला पानी खरीद कर पीते हैं। शहर में एक बोतल पानी 25 से 40 रुपये में बेचा जाता है। मांग अधिक होने से बोरिंग का पानी शुद्ध कर 20 लीटर के जार में पैक कर सप्लाई की जा रही है। शहर के अलग-अलग इलाकों में यह धंधा खूब फल-फूल रहा है।
डीएम अनुराग पटेल का कहना है कि यदि अवैध रूप से चल रहे संस्थान निर्धारित समय तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराते हैं तो उन पर दो से पांच लाख तक जुर्माना किया जाएगा। इसमें छह माह से लेकर साल तक की सजा भी हो सकती है। जल दोहन पर अंकुश लगाने के लिए अब सभी होटलों, रेस्टोरेंट, आरओ प्लांट सहित अन्य जल संस्थानों को 30 जून तक रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहा है।
ये भी जानिए
-जार में पैक पानी बेचने का लाइसेंस फूड एंड सेफ्टी विभाग देता है, लेकिन बिना लाइसेंस चल रहे आरओ प्लांटों पर विभाग चुप है।
- लाइसेंस लेने के लिए भूजल विभाग से एनओसी लेनी होती है, लेकिन ये विभाग भी ध्यान नहीं दे रहा है।
- अवैध रूप से भूगर्भ जल-दोहन करने वाले प्लांटों को सील करने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है।
- 16 से 17 लाख लोग खरीदकर पानी हैं पीते है।
- 25 से 30 रुपये तक में बिकती है 20 लीटर की पानी की बोतल
- मंडल में 200 से अधिक छोटे-बड़े आरओ प्लांट अवैध रूप से हैं संचालित
रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनूप कुमार सिंह ने बताया कि प्रदूषित पानी से पेट की गंभीर बीमारियां होती हैं। खुला या आरओ में सही ढंग से फिल्टर न होने पर पानी जल्दी प्रदूषित हो जाता है। इससे टाइफाइड, डायरिया, हेपेटाइटिस-ए, डिसेंटरी, पेट दर्द आदि बीमारियां हो जाती हैं।
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