बांदा। पुरानी पेंशन बहाली और समान पद-समान वेतन समेत कई मांगों को लेकर कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी व पेंशनर्स अधिकार मंच सड़कों पर उतर आया। बाइक रैली निकाली। चेतावनी दी कि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो अगले चरण में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। रैली में बड़ी संख्या में महिला कर्मी भी शामिल रहीं। उधर, भारी-भरकम जुलूस से प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते रहे।
मंगलवार को अधिकार मंच के बैनर तले कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी, पेंशनर्स आदि जीआईसी मैदान में इकट्ठा हुआ। दोपहर बाद जुलूस की शक्ल में बाइक रैली निकाली और नारे लगाते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। अगुवाई मंच जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी और महासचिव विनोद कुमार ने की।
मुख्यमंत्री को संबोधित 26 सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें पुरानी पेंशन बहाली, केंद्र सरकार के अनुमन्य भत्ते राज्य सरकार द्वारा दिए जाने, कैशलेश चिकित्सा सुविधा, सातवें वेतन आयोग की संस्तुति, राज्य कर्मियों को तीन पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन, 300 दिवसों की जगह 600 उपार्जित अवकाश, फील्ड कर्मियों को बाइक भत्ता, प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति, प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति, सुबह 8 से शाम 4.30 बजे तक माध्यमिक स्कूल खोलने का शासनादेश वापस लेने, राजस्व लेखपाल का पदनाम उप राजस्व निरीक्षक आदि मांगें शामिल रहीं।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि ऑनलाइन कार्य के नाम पर शिक्षकों का शोषण बंद किया जाए। सेवानिवृत्त शिक्षकों व पेंशनर्स की समस्याओं का शीघ्र निराकरण हो। चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर अगले चरण में 28 अक्तूबर को धरना-प्रदर्शन होगा। 30 नवंबर को लखनऊ में राज्य स्तरीय रैली होगी। बाइक रैली में माध्यमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष मेजर मिथलेश पांडेय, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद मंडल अध्यक्ष जीवनराम नायक समेत प्रमोद द्विवेदी, रामकृष्ण त्रिपाठी, राजेश तिवारी, देशराज सिंह, पुरुषोत्तम गुप्ता, प्रजीत सिंह, राधेश्याम यादव, विनय प्रताप सिंह, सुनील वर्मा, अंजना अवस्थी, नरेंद्र सोनी, जयकिशोर दीक्षित सहित प्राथमिक, माध्यमिक, लेखपाल, राज्य कर्मचारी संघ, मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट, आईटीआई, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ आदि शामिल रहे।