बांदा। कोरोना काल के दौरान पैरोल पर रिहा बंदियों की 19 अगस्त को डेटलाइन खत्म गई, लेकिन बंदी वापस जेल नहीं लौटे। हालांकि, शासन ने पैरोल की अवधि 90 दिन और बढ़ाकर 17 नवंबर तक की अवधि निर्धारित कर दी है।
सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर कोरोनाकाल में 53 बंदियों को 90 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था। बाद में शासन ने पैरोल की अवधि 60 दिन और बढ़ा दी। 19 अगस्त को बंदियों की पैरोल की डेटलाइन समाप्त हो गई, लेकिन कोई भी बंदी जेल वापस नहीं आया।
जेल प्रशासन इनकी वापसी की रूपरेखा तैयार ही कर रहा था कि शासन के नए आदेश में बंदियों के पैरोल की अवधि 90 दिन और बढ़ा दी गई। जेलर प्रमोद तिवारी ने बताया कि अब बंदी 17 नवंबर तक कारागार में दाखिल हो सकते हैं।
इसके बाद यदि बंदी जेल में दाखिल नहीं होते हैं, तो उनकी सूची एसपी को भेजकर गिरफ्तारी कराई जाएगी।