बांदा। चित्रकूट धाम मंडल उप श्रमायुक्त कार्यालय में भ्रष्टाचार के आरोपों पर उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड ने गहनता से जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही उप श्रमायुक्त से अपनी संस्तुति सहित आख्या मांगी है। हालांकि मजदूर नेताओं का कहना है कि जांच उन्हीं को दी गई है, जिनके कार्यालय पर आरोप है।
ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियन (ऐक्टू) के बांदा जिला संयोजक एवं निर्माण मजदूर यूनियन जिला मंत्री राम प्रवेश यादव द्वारा बोर्ड को भेजी गई शिकायत में कहा था कि उप श्रमायुक्त कार्यालय में सरकारी योजनाओं में अवैध वसूली हो रही है। बिचौलियों के जरिए आवेदन न करने से खारिज कर दिए जाते हैं। लॉकडाउन भत्ता किसी मजदूर के खाते में नहीं गया।
कार्यालय के कई लोग बिचौलियों के जरिए लूट मचाए हुए हैं। मजदूरों से मारपीट तक आमादा हो जाते हैं। मांग की है कि उच्चस्तरीय जांच कराकर बिचौलियों के जरिए अपात्रों को दी गई धनराशि की रिकवरी कराई जाए। लंबित आवेदनों पर कार्रवाई करके लाभार्थियों को धनराशि पहुंचाई जाए। बिचौलियों और दलालाें पर रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा जाए।
मजदूर नेता की शिकायत पर बोर्ड के सचिव विपिन कुमार जैन ने उप श्रमायुक्त, बांदा को निर्देश दिया है कि लगाए गए आरोपों की गहनता से जांच करके नियमानुसार कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संतुति के साथ अपनी आख्या बोर्ड कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।