निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे।
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बांदा। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण अब नई सरकार करेगी। मौजूदा सरकार की इसी माह में लोकार्पण की मंशा पर चुनाव आचार संहिता ने पानी फेर दिया है। मुख्यमंत्री ने कार्यदाई संस्था यूपीडा को गत नवंबर में 31 दिसंबर तक एक्सप्रेस-वे का मुख्य मार्ग पूरा करने का निर्देश दिया था। प्रधानमंत्री के हाथों इसके लोकार्पण की तैयारी चल रही थी।
29 फरवरी 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया था। मौजूदा सरकारों के लिए श्रेय लेने का बड़ा अवसर था। 296 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे से बुंदेलखंड के पांच जिलों सहित औरैया और इटावा के लोगों को भी सफर के लिए अच्छी सड़क का तोहफा मिलेगा। इसकी शुरुआत चित्रकूट के भरतकूप से हुई है।
इटावा के कुदरैल में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे में जुड़ेगा। आमतौर पर गांवों के संपर्क मार्ग के लिए भी तरसने वाले बुंदेलखंड में छह लेन का यह आधुनिक एक्सप्रेस-वे एक बड़ी उपलब्धि और तोहफा माना जा रहा है। एक्सप्रेस-वे से बुंदेलखंड के लोग सिर्फ पांच घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे। इसके किनारे डिफेंस कॉरिडोर, पेट्रोलपंप, शौचालय इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शनिवार को निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी। इसी के साथ आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। अब कोई भी निर्माण, लोकार्पण, शिलान्यास जैसे कार्य बिना निर्वाचन आयोग की अनुमति के नहीं हो सकेंगे।